वंदेमातरम विवाद में कांग्रेस के नेता ही आपस में लड़ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के समर्थक और पार्षद राजू भदौरिया ने आरोप लगाया कि भाजपा बजट और शहर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती थी, इसलिए मेयर ने पार्षद फौजिया शेख के पति शेख अलीम के साथ डील कर वंदे मातरम विवाद को उठाया। उन्होंने कहा कि शेख अलीम अभी स्टेट बार काउंसिल का चुनाव लड़ रहे हैं। इस डील से उन्हें मदद मिलेगी।

 

पार्षद भदौरिया ने इसे लेकर पोस्ट भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर की थी, लेकिन बाद में उसे हटा लिया गया। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि फौजिया शेख अलीम पहले सदन में खड़े होकर वंदे मातरम गाती थीं, अब उन्होंने क्यों इनकार कर दिया। व्यक्तिगत लाभ और राजनीतिक सौदेबाजी के कारण सिद्धांतों को ताक पर रखा गया। उनकी इस पोस्ट की राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा है। इस मामले में मेयर ने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई जगजाहिर हो चुकी है। उसे ढकने के लिए भदौरिया मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।

चौकसे और अलीम की पटरी नहीं बैठती

पिछली परिषद के कार्यकाल में पार्षद फौजिया शेख नेता प्रतिपक्ष थीं। उनके पति शेख अलीम का भी निगम में काफी हस्तक्षेप रहता था। इस कार्यकाल में जब चिंटू चौकसे को कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष बनाया। पहले सदन की बैठकों में दर्शक दीर्घा में शेख अलीम भी आते थे, लेकिन डेढ़ साल पहले निगम परिसर में चौकसे और अलीम का विवाद हो गया था। इसके बाद अलीम ने निगम की राजनीति से दूरी बना ली।

भाजपा नेता ने की आपत्तिजनक पोस्ट

वंदेमातरम विवाद में एक भाजपा नेता सुमित हार्डिया ने आपत्तिजनक पोस्ट कर दी। उन्होंने लिखा कि वे वंदेमातरम गाने से इनकार करने वालों के चेहरे पर जो कालिख पोतेगा, उन्हें वे पचास हजार रुपये का पुरस्कार देंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *