इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस हादसे में पैदल जा रहे एक व्यक्ति को किसी अज्ञात वाहन ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह उछलकर सीधे ब्रिज से नीचे मुख्य सड़क पर जा गिरा। गंभीर रूप से घायल हुए इस युवक ने देर रात अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है और पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी हुई है।

यह भी पढ़ें…

Indore News: मंडियों में गेहूं खरीदी के बीच कैंटीन पर ताले, महंगी गैस से किसानों की 5 रु. वाली थाली बंद

अज्ञात वाहन और फरार चालक की तलाश

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया है और अज्ञात वाहन व उसके चालक की खोजबीन शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके और उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंचने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

ब्रिज से नीचे गिरने के कारण आई गंभीर चोटें

पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक हादसा भंवरकुआ ब्रिज के ऊपर घटित हुआ। यहां प्रोफेसर कॉलोनी के निवासी 40 वर्षीय जयंत, पिता मांगीलाल निर्मल पैदल गुजर रहे थे, तभी एक अनियंत्रित वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर का वेग इतना अधिक था कि जयंत का संतुलन बिगड़ गया और वे ब्रिज की रैलिंग के ऊपर से होते हुए नीचे सड़क पर जा गिरे। इस हादसे के कारण उनके सिर, हाथ और पैरों में कई गंभीर चोटें आईं और काफी खून भी बह गया।

घायल को अस्पताल पहुंचाने में हुई मशक्कत

हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद वाहन चालक फरार होने में सफल रहा। स्थानीय राहगीरों ने जब घायल अवस्था में युवक को देखा तो उन्होंने मानवता दिखाते हुए तुरंत सहायता प्रदान की। उस समय मौके पर एंबुलेंस की तत्काल उपलब्धता नहीं हो पाई थी, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने ही उन्हें पास के एप्पल अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, जयंत की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एमवाय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रात में उनकी मृत्यु हो गई।

होस्टल में चौकीदारी करता था जयंत

मृतक के परिजनों ने बताया कि जयंत भंवरकुआ क्षेत्र के ही एक होस्टल में चौकीदारी का कार्य करते थे और अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। विशेष बात यह है कि उनकी पत्नी उषा भी उसी होस्टल में वार्डन के पद पर कार्यरत हैं। दुर्घटना के समय जयंत पैदल ही अपनी ड्यूटी निभाने के लिए होस्टल की दिशा में जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

जयंत का परिवार मूल रूप से धरमपुरी क्षेत्र का रहने वाला है, लेकिन पिछले कई वर्षों से वे रोजगार के सिलसिले में इंदौर में ही निवास कर रहे थे। उनके परिवार में अब पत्नी और दो छोटे बच्चे रह गए हैं, जिनके भविष्य पर इस हादसे ने संकट के बादल ला दिए हैं। उनके माता-पिता और भाई वर्तमान में पैतृक गांव में ही रहते हैं। उनकी मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *