व्यापम कांड से जुड़े आरोपों में बिना परीक्षा एमबीबीएस डिग्री जारी होने का मामला सामने आया। पूर्व छात्र ने शिकायत की, जबकि कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को स …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 11 Apr 2026 08:31:52 AM (IST)Updated Date: Sat, 11 Apr 2026 08:44:36 AM (IST)

'व्यापम में बर्खास्त छात्रों को 16 लाख में दी डिग्री', पूर्व छात्र ने शाखा प्रभारी का ऑडियो जारी कर लगाए आरोप
व्यापम घोटाले से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में व्यापम कांड से जुड़ा नया विवाद
  2. बिना परीक्षा कुछ छात्रों को एमबीबीएस डिग्री देने का आरोप
  3. पूर्व छात्र ने राज्यपाल और डीन को लिखित शिकायत भेजी

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के एक पूर्व छात्र ने आरोप लगाया है कि व्यापम कांड में बर्खास्त किए गए कुछ छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही एमबीबीएस की डिग्री जारी कर दी गई।

इस मामले का ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व छात्र संदीप और शाखा प्रभारी चतुर्वेदी के बीच करीब 12.19 मिनट की चर्चा हुई है। इसमें चतुर्वेदी पर कई गंभीर आरोप हैं। पूर्व छात्र संदीप लहारिया ने इस संबंध में राज्यपाल और कॉलेज के डीन डॉ आरकेएस धाकड़ को लिखित शिकायत भेजी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र शाखा (यूजी) के प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी और उनके सहायक पंकज कुशवाह की मिलीभगत से यह गड़बड़ी हुई है। लहारिया का दावा है कि व्यापम मामले में दर्ज एफआइआर के बाद करीब 30 से अधिक एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया था, जिनमें वे स्वयं भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी बर्खास्त छात्र की आधिकारिक बहाली नहीं हुई है और न ही किसी समिति ने उन्हें राहत दी है। उसके बावजूद कुछ छात्रों को बिना अटेंडेंस, बिना परीक्षा और बिना वैध प्रक्रिया के डिग्री जारी कर दी गई। मामले में जीवाजी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और गोपनीय शाखा के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं।

शाखा प्रभारी ने कहा यह साजिश है

  • इस मामले में आरोपों को खारिज करते हुए छात्र शाखा प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी ने कहा कि संबंधित वर्षों के संदिग्ध छात्रों के मूल दस्तावेज थाना झांसी रोड और सीबीआइ को सौंपे जा चुके हैं और वे कई मामलों में गवाह भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप लहारिया उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ कूटरचित ऑडियो तैयार किया गया है।
  • चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि आरटीआइ के तहत मांगी गई जानकारी नियमानुसार लोक सूचना अधिकारी से चर्चा के बाद ही उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन आवेदक द्वारा दबाव बनाने और धमकाने की कोशिश की गई, जिसकी शिकायत उन्होंने सीबीआइ के पुलिस अधीक्षक से की है। फिलहाल मामला गंभीर आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है।



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