MP High Court: ग्वालियर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान एक पारिवारिक विवाद ने अनोखा मोड़ लिया। …और पढ़ें
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HighLights
- पति ने पत्नी को साथ रखने से किया इंकार
- काउंसलिंग में सामने आई पारिवारिक सच्चाई
- कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक की सलाह
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीजन बेंच में सोमवार को एक हैबियस कार्पस याचिका की सुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद का अनोखा मोड़ सामने आया। याचिकाकर्ता छोटू उर्फ विनोद शर्मा ने कोर्ट में अपनी पत्नी के लापता होने और कुलदीप राठौर के अवैध कब्जे में होने का आरोप लगाया था।
कोर्ट में पेश हुई महिला, बयान ने बदली दिशा
सुनवाई के दौरान पुरानी छावनी थाना के एएसआइ राजकिशोर त्रिपाठी और महिला आरक्षक प्रेमलता राजावत महिला को कोर्ट में पेश कराए। महिला की मां भी उपस्थित थीं। कोर्ट के सवालों पर महिला ने स्पष्ट कहा कि वह पिछले 20 दिनों से कुलदीप राठौर के साथ रह रही है और आगे भी उसी के साथ रहना चाहती है।
पति ने किया साथ रखने से इनकार
पत्नी के बयान के बाद पति विनोद शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसी स्थिति में पत्नी को अपने साथ नहीं रख सकता। इससे मामला और स्पष्ट हो गया कि दोनों के बीच संबंधों में सुधार की संभावना नहीं है।
काउंसलिंग के बाद तलाक की सलाह
शासकीय अधिवक्ता अंजलि ज्ञानानी ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई। इसमें सामने आया कि पति ड्राइवर की नौकरी के कारण बाहर रहता था और इसी दौरान पत्नी कुलदीप को घर बुलाती थी। परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी।
फिलहाल मां के साथ भेजी गई महिला
कोर्ट ने फिलहाल महिला को उसकी मां के साथ जाने की अनुमति दी है, ताकि वह शांति से आगे का निर्णय ले सके।
