उज्जैन शहर के ढाबा रोड पर जारी मार्ग चौड़ीकरण अभियान के दौरान सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां सड़क चौड़ीकरण की जद में आए एक चार मंजिला मकान का अगला हिस्सा जेसीबी की मदद से ढहाया गया था, जिससे यह मकान बेहद कमजोर हो गया और देखते ही देखते यह पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह पलक झपकते ही धराशायी हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन मकान इतनी तेजी से गिरा कि आसपास लगे बिजली के खंभे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई है और देर शाम तक अंधेरा छाया रहा। मलबे के कारण आवागमन भी बाधित हुआ है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है। प्रशासन फिलहाल मलबे को हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के प्रयास में जुटा है, साथ ही संपत्ति के मालिकाना हक का विवरण जुटाया जा रहा है।

नगर निगम का दावा हमने गिराया मकान

ढाबा रोड स्थित गेबी हनुमान मंदिर के पास मार्ग चौड़ीकरण अंतर्गत मकान के अचानक गिरने को लेकर नगर निगम ने एक समाचार जारी कर यह दावा किया है कि इस गिराऊ भवन को नगर निगम द्वारा पूर्ण सुरक्षा एवं सावधानी से हटाने की कार्रवाई की गई है। जिसे नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूर्ण सुरक्षा एवं सावधानी रखते हुए गिराने की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई के अंतर्गत किसी भी प्रकार की हानि नहीं हुई। इस दौरान मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई ताकि किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचे। ज्ञात रहे कि चौड़ीकरण कार्य की जद में आ रहे गिराऊ भवन पूर्ण सावधानी के साथ नगर निगम टीम द्वारा क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग से हटा रही है।

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यह वीडियो हो रहा वायरल

उज्जैन के गेबी हनुमान क्षेत्र में तीन मंजिला मकान गिरने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखने पर पता चलता है कि जब यह मकान गिरा उस समय क्षेत्र की लाइट चालू थी और लोग इसका वीडियो भी बना रहे थे।

रहवासियों ने लगाया यह आरोप

मालिक मनोज भावसार और अली अजगर ने आरोप लगाया कि हादसा नगर निगम की लापरवाही के कारण हुआ है। शाम करीब 6 बजे से ही मकान गिरने की स्थिति में था। इस दौरान क्षेत्र के मोहम्मद आमिर, समीर खान, अल्तमश खान, राजेश गुप्ता, समीर जैन और अविनाश पांचाल की टीम ने सड़क पर आवाजाही रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में पोकलेन मशीन से घरों को तोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। वहीं लोगों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से मकानों की नींव में पानी भरा हुआ था, जिसकी वजह से यह घटना हुई।



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