ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू के प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध बाघ प्रिंट हस्तशिल्प कला का गहन अवलोकन किया। राज्यपाल स्थानीय कलाकार नेहा जायसवाल के केंद्र पर पहुंचे जहां उन्होंने पारंपरिक ठप्पों और प्राकृतिक रंगों के माध्यम से सूती व रेशमी कपड़ों पर उकेरी जा रही कलाकृतियों का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। इस गरिमामय अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Indore News: कार में महिला समेत 4 आरोपी पकड़ाए, पांच लाख की ड्रग्स मिली

प्राकृतिक रंगों और हस्तशिल्प की बारीकियों का अवलोकन किया

भ्रमण के दौरान राज्यपाल पटेल ने बाघ प्रिंटिंग की जटिल और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र पर कपड़े को भिगोने की विधि, हरड़ा पाउडर के विशिष्ट उपयोग और फिटकरी एवं हल्दी जैसे प्राकृतिक तत्वों से तैयार रंगों के प्रयोग को बारीकी से देखा। कलाकार नेहा जायसवाल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि यह पूर्णतः एक हस्तनिर्मित कला है और एक कपड़े को पूरी तरह तैयार होने में लगभग पच्चीस दिनों का लंबा समय लगता है। राज्यपाल ने इस दौरान हथकरघा इकाई का फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन भी संपन्न किया।

जनजातीय महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की सराहना की

प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राज्यपाल ने वहां कार्यरत जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ ये महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर रही हैं। केंद्र पर प्रदर्शित हस्तशिल्प और पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा के संबंध में भी राज्यपाल ने गहरी रुचि दिखाई और वहां मौजूद महिलाओं से उनके कामकाज एवं अनुभवों पर आत्मीय संवाद किया।

हैंडलूम स्टार्टअप के माध्यम से नई शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि रानी रूपमती हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट के माध्यम से अब एक नए हैंडलूम स्टार्टअप की आधारशिला रखी जा रही है। राज्यपाल ने इस नवीन उद्यम के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं और जोर दिया कि स्थानीय उत्पादों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्रीय शिल्पकारों को बेहतर मंच मिल सके। उन्होंने इस स्टार्टअप को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कला के संगम के रूप में एक सराहनीय कदम बताया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *