ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट यशराज उइके की संदिग्ध हालात में मौत अब एक नए मोड़ सामने आया है। शुरुआत में मौत को हादसा या खुदकुशी के एंगल से देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस को मिले CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है। जांच में सामने आया है कि हॉस्टल की तीसरी मंजिल की छत से गिरने से दो मिनट पहले यशराज ने जिस आखिरी कॉल पर बात की थी, वह उसी के गांव की लड़की का नंबर था, जो कॉलेज में उसी के साथ एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा है। सीडीआर के अनुसार परिवार के बाद सबसे ज्यादा कॉल इसी छात्रा को किए गए थे। कॉल डिटेल से मिली इस जानकारी के बाद पुलिस को छात्र की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए एक बड़ा क्लू मिला है।

आपको बता दें कि यशराज का मोबाइल घटना स्थल की छत पर मिला था और सीन रीक्रिएशन में यह स्पष्ट हुआ कि वह गिरा नहीं, बल्कि कूदा था। ऐसे में उसके मोबाइल का अनलॉक होना जांच के लिए निर्णायक माना जा रहा है। फॉरेंसिक टीम डिवाइस से डेटा निकालने की कोशिश कर रही है क्योंकि उसमें मौजूद चैट्स, नोट्स और कॉल रिकॉर्डिंग घटना का असली कारण उजागर कर सकती हैं। 

ये भी पढ़ें: MP News: बालाघाट में कछुए से धन बरसाने की चल रही थी तैयारी… तभी पहुंच गई पुलिस, 9 गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

यशराज उइके की मौत के बाद उसका मोबाइल पुलिस के पास सबसे अहम सबूत के रूप में रखा हुआ है। यह मोबाइल पुलिस को मेडिकल हॉस्टल की तीसरी मंजिल की छत पर रखा मिला था और यहीं से मेडिकल स्टूडेंट संदिग्ध हालात में गिरा था। जब पुलिस ने इसकी सीडीआर निकाली तो सामने आया कि यशराज की मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा से अक्सर बातें होती थीं। उसके मोबाइल में परिवार से बातचीत के बाद दूसरे सबसे ज्यादा कॉल अपनी इस गर्लफ्रेंड के मोबाइल पर ही किए गए हैं।

बहरहाल पुलिस ने छात्र के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि मृतक के मोबाइल के खुलते ही उसमें से कई और राज बाहर आ सकते हैं। पहले पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन अब जब पुलिस ने छात्र की हाइट और वजन का पुतला गिराकर घटना का सीन रीक्रिएशन किया तो उसमें भी सुसाइड ही नजर आ रहा है। यही कारण है कि मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही कई और राज बाहर आने का अनुमान है। मेडिकल हॉस्टल से स्टूडेंट यशराज उइके की मौत पूरी तरह पुलिस के साक्ष्य कलेक्शन, तकनीकी साक्ष्य व फॉरेंसिक एक्सपर्ट पर ही निर्भर है। 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *