नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल के सबसे बड़े जया आरोग्य अस्पताल में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्पताल में संचालित फ्री भोजन व्यवस्था में लापरवाही सामने आई है। यहां मरीजों को भोजन थाली में देने के बजाय प्रतिबंधित पॉलीथिन में थमाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थाओं में खाने-पीने की सामग्री के लिए पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। साथ ही भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के स्पष्ट निर्देश हैं कि गर्म भोजन को प्लास्टिक की थैलियों में पैक करना या परोसना अवैध है। इसके बावजूद जेएएच और जीआरएमसी प्रबंधन की नाक के नीचे रोज 400 से 500 मरीजों को प्लास्टिक की थैलियों में गर्म खाना बांटा जा रहा है।

प्रबंधन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

अस्पताल की किचन में रोजाना सैकड़ों मरीजों के लिए खाना तो बनता है, लेकिन वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मरीज और उनके स्वजन हानिकारक पालीथिन की थैलियों में गर्म दाल-रोटी और सब्जी लेने को विवश हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, लेकिन गजराराजा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस पर मौन साधे हुए है।

पॉलीथिन में भोजन सेहत के लिए साइलेंट किलर

  • गर्म खाने के संपर्क में आते ही प्लास्टिक से बीपीए और फैथलेट्स जैसे जहरीले रसायन निकलते हैं, जो कैंसर और हार्मोनल असंतुलन का कारण बनते हैं।
  • भोजन के साथ शरीर में प्रवेश करने वाले माइक्रोप्लास्टिक आंतों को स्थायी नुकसान पहुंचाते हैं।
  • प्लास्टिक में मौजूद रसायन मोटापे, मधुमेह और किडनी की समस्याओं को जन्म देते हैं।

इनका कहना था

हम यहां इलाज कराने आए हैं, लेकिन यहां खाना भी सही तरीके से नहीं मिल रहा। पॉलीथिन में गर्म खाना देना बहुत गलत है, इससे बीमारी और बढ़ सकती है- राजकुमार चौरसिया, मरीज के स्वजन।

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यह बोले जिम्मेदार

यह गलत है। लेकिन थालियां नहीं होने के कारण पॉलीथिन में खाना भेजा जा रहा है। अस्पताल अधीक्षक को थाली मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। डा. वीरेंद्र वर्मा, प्रभारी, किचन, जेएएच।



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