मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के चलते कई इलाकों में ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे बने कि कुछ जगहों पर सड़कों पर बर्फ जैसी सफेदी छा गई, जिससे नज़ारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। शनिवार को बैतूल, श्योपुर और मुरैना समेत कई जिलों में जमकर ओले गिरे, जबकि 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने ग्वालियर सहित 27 जिलों में फिर से आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में आज बदलेगा मौसम
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर समेत कई जिलों में दोपहर बाद मौसम अचानक बदल सकता है।यहां 30 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है।
क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज?
प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने से मौसम अस्थिर बना हुआ है। इसके असर से सुबह से ही कई इलाकों में बादल छाए रहे और फिर दोपहर के बाद तेज गतिविधियां शुरू हो गईं।
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आंधी का भी अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 8 अप्रैल तक तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।
आगे क्या होगा?
7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 10-11 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ेगा और गर्मी तेजी से बढ़ेगी। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
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फसलों पर असर, लोग भी परेशान
बारिश और ओलावृष्टि का असर खेती पर साफ दिख रहा है। कई इलाकों में फसलें खराब हुई हैं, वहीं अचानक बदले मौसम से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है स्कूल, दफ्तर और रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतें सामने आईं।
