अमित मिश्रा, नईदुनिया, ग्वालियर। साइबर ठगी करने वाले शातिर ठगों का इंटरनेशनल नेटवर्क पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर ठगी की रकम जिन पहली और दूसरी लेयर के खाताधारकों के खातों में पहुंच रही है। पुलिस उन तक तो पहुंच रही है, लेकिन लाखों-करोड़ों रुपये की साइबर ठगी में आरोपितों से बरामदगी चंद हजार रुपयों की हो रही है।
कई बड़े मामलों में तो रिकवरी शून्य ही है। साइबर ठगी में रिकवरी रेट एक प्रतिशत से भी कम है। इसके पीछे कारण है- पुलिस जिन खाताधारकों को पकड़कर लाती है, वह अपना कमीशन काटकर रुपया आगे भेज देते हैं और इसी तरह धन यूएसडीटी के जरिये क्रिप्टो करंसी में बदलकर विदेश पहुंच रहा है। ऐसा कोई सिस्टम पुलिस के पास नहीं है, जो इस धन के बारे में पड़ताल कर सके।
धन वही वापस मिल रहा, जो फ्रीज हो रहा
साइबर ठगी की वारदातों में आंकड़े बताते हैं, धन वही वापस मिल रहा है जो फ्रीज हो रहा है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी की बड़ी घटनाओं में कई दिन बाद एफआइआर हुई या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत पहुंची। तब तक धन पहली-दूसरी लेयर से तीसरी लेयर और विदेश तक पहुंच चुका था।
किस वर्ष कितने खाते फ्रीज कराए, कितनी रकम फरियादी तक वापस पहुंची
2024- 1045 खाते फ्रीज- 25 लाख रुपये फ्रीज कराए
2025- 1230 खाते फ्रीज कराए- 93 लाख रुपये फ्रीज कराए
इन मामलों से समझिये….करोड़ों की ठगी में कितनी कम रिकवरी
केस-1: रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी से 2.52 करोड़ की ठगी, सात आरोपित पकड़े, रिकवरी कुछ नहीं। विंडसर हिल्स हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी नारायण महादेव टिकेकर को ड्रग और मनी लांड्रिंग केस में फंसा बताकर डिजिटल अरेस्ट किया गया। उनसे 2.52 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने अब तक सात आरोपित पकड़े हैं। इनसे रिकवरी शून्य रही।
यह आरोपित पकड़े: हरीश गड़वाल निवासी नई दिल्ली, शरद डेहरिया निवासी नई दिल्ली, सौरभ यादव निवासी नई दिल्ली, मोहित मिश्रा निवासी नई दिल्ली, राहुल प्रजापति निवासी नजफगढ़, हरीश यादव निवासी नजफगढ़, साहिल खान निवासी उत्तम नगर, नई दिल्ली। इन सभी के खाते में 67.91 लाख रुपये पहुंचे, सारा पैसा आगे खातों में ट्रांसफर हुआ और फिर क्रिप्टो करंसी में बदलकर विदेश तक पहुंच गया।
केस-2: कारोबारी से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 1.41 करोड़ की ठगी, चार आरोपित पकड़े, रिकवरी सिर्फ 50 हजार रुपये। मुरार निवासी कारोबारी दुर्गाशंकर नागर के साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ठगी हुई। उनके साथ 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने अब तक चार आरोपित पकड़े। इनसे सिर्फ 50 हजार रुपये ही बरामद हुए।
यह आरोपित पकड़े: मनोज यादव निवासी ग्वालियर, ईशू छारी निवासी ग्वालियर, जुबरान खान निवासी सेंधवा और अकरम खान निवासी सेंधवा पकड़े गए। इनके खातों में 19 लाख रुपये गए। पुलिस बरामद सिर्फ 50 हजार रुपये कर सकी। यह वह रुपये हैं, जो खाता उपलब्ध कराने पर कमीशन के एवज में मिला था।
केस-3: महिला चिकित्सक के साथ ठगी, रिकवरी शून्य गुलमोहर सिटी निवासी डा. सुजाता वापट को डिजिटल अरेस्ट कर 38 लाख रुपये ठगे गए। इन्हें मनी लांड्रिंग केस का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया गया था। आरोपित हरीश चौधरी के खाते में ही 35 लाख रुपये गए थे। यह पहली लेयर का खाता था। उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन रिकवरी नहीं हुई।
