मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत इस बार एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी नजर आई। गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए 1 लाख 6 हजार से ज्यादा बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं। खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया “सिंगल क्लिक सिस्टम” से हुई और इसका लाइव प्रसारण भी किया गया। प्रदेश के करीब 22 हजार प्राइवेट स्कूलों में 1.22 लाख से अधिक सीटों के लिए 1.78 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र बच्चों को लॉटरी के जरिए स्कूल आवंटित किए गए।
आधे बच्चों को पसंदीदा स्कूल
इस प्रक्रिया में करीब 51 हजार बच्चों को उनकी पहली पसंद का स्कूल मिला, जबकि बाकी बच्चों को उपलब्ध विकल्पों के आधार पर अन्य स्कूलों में एडमिशन दिया गया।
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SMS से मिली जानकारी, पोर्टल पर डाउनलोड
अभिभावकों को स्कूल आवंटन की जानकारी सीधे मोबाइल पर SMS के जरिए भेजी गई। साथ ही वे RTE पोर्टल पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आवंटित बच्चों को 3 से 15 अप्रैल के बीच संबंधित स्कूल में जाकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस दौरान दस्तावेज सत्यापन के साथ मोबाइल ऐप के जरिए फोटो और OTP वेरिफिकेशन से उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
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स्कूल ने रोका तो तुरंत शिकायत
सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई निजी स्कूल प्रवेश देने से मना करता है, तो अभिभावक जिला स्तर पर शिकायत कर सकते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिन बच्चों को पहले चरण में सीट नहीं मिली, उनके लिए राहत है। 15 अप्रैल के बाद दूसरे चरण में फिर से विकल्प भरने और लॉटरी में शामिल होने का मौका मिलेगा।
