राजधानी भोपाल में एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी और सप्लाई संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। खाद्य विभाग की टीम ने बैरागढ़ चीचली इलाके में एक घर पर दबिश देकर अवैध रूप से रखे 50 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए। इस कार्रवाई ने शहर में चल रहे ‘गैस के काले खेल’ को उजागर कर दिया है। खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि एक मकान में अवैध रूप से गैस सिलिंडर जमा कर बेचे जा रहे हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा, जहां बड़ी संख्या में सिलिंडर बरामद हुए। शुरुआती जांच में कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है।
शादी सीजन से पहले बढ़ी टेंशन
15 अप्रैल से शुरू हो रहे शादी सीजन से पहले ही गैस संकट गहराने लगा है। कमर्शियल सिलिंडरों की कमी से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। मांग के मुकाबले सप्लाई काफी कम होने से बड़े आयोजनों पर असर पड़ने की आशंका है।
ढाई लाख सिलिंडर की जरूरत, आधी सप्लाई
टेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े संगठनों के मुताबिक शादी सीजन में रोजाना 25 से 30 हजार शादियां होंगी, जिनके लिए करीब ढाई लाख सिलिंडरों की जरूरत पड़ेगी। लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लाई महज 50% तक सिमटी हुई है।
70% कोटा कागजों में, जमीन पर कमी
एलपीजी वितरण एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार ने 70% कोटा तय किया है, लेकिन कंपनियों की कम सप्लाई के कारण वास्तविक उपलब्धता इससे काफी कम है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
होटल-रेस्टोरेंट वैकल्पिक रास्ते पर
गैस की कमी से जूझ रहे होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब वैकल्पिक इंतजाम में जुट गए हैं। कई जगह अतिरिक्त सिलिंडर स्टॉक किए जा रहे हैं, तो कहीं दूसरे ईंधन के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
5-6 दिन का स्टॉक, बढ़ाई जा रही निगरानी
जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार फिलहाल शहर में 5 से 6 दिन का गैस स्टॉक उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों से समन्वय कर सप्लाई बढ़ाने की कोशिश की जा रही है और एजेंसियों पर निगरानी सख्त कर दी गई है।
यह भी पढ़ें-अब 3D मॉडल से होगी सर्जरी की तैयारी, IOCL से हुआ बड़ा करार
घरेलू उपभोक्ता भी परेशान
कमर्शियल के साथ घरेलू गैस सप्लाई भी प्रभावित हुई है। उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए 5 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, हालांकि कंपनियों का दावा है कि जल्द स्थिति सामान्य होगी।
ठग भी सक्रिय, साइबर अलर्ट जारी
गैस की किल्लत के बीच ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढ़ गए हैं। फर्जी लिंक, मैसेज और कॉल के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर ऐसी 30 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
यह भी पढ़ें-प्रदेश के 12 शिक्षक संगठन एक मंच पर, आठ अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन का एलान
ऐसे बचें ठगी से
– बुकिंग सिर्फ आधिकारिक ऐप या एजेंसी से करें
– संदिग्ध लिंक या ऑफर से दूर रहें
– ओटीपी और बैंक डिटेल साझा न करें
– धोखाधड़ी की आशंका पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें
