प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने सोमवार को भोपाल पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जोनल एडीजी/आईजी, पुलिस कमिश्नर इंदौर-भोपाल, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा बैठक की। बैठक में 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया। यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्री के विजन के अनुरूप होगा। इसमें मादक पदार्थों के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य पुलिस इस दिशा में व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। 

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ड्रग्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

डीजीपी ने निर्देश दिए कि एमडी जैसे केमिकल ड्रग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ छोटे आरोपियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क स्रोत, सप्लाई चेन और सरगना तक पहुंचकर उसे खत्म करना जरूरी है। पुलिस को निर्देश दिए गए कि ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली ड्रग्स सप्लाई पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके लिए सभी जिलों में तकनीकी और साइबर सेल को सक्रिय करने को कहा गया है। वीपीएन कॉल्स और डिजिटल नेटवर्क पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए।

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एनसीओआरडी के जरिए समन्वय बढ़ेगा

हर जिले में नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की बैठक नियमित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित जिलों को पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया है। पुलिस नशे के खिलाफ दो स्तर पर काम करेगी-एक ओर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, दूसरी ओर समाज में जागरूकता बढ़ाना। स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा। 

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फास्ट ट्रैक में होंगे मामले

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का जल्द निपटारा करने और फास्ट ट्रैक ट्रायल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कानून के प्रावधानों पर विशेष प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई है। 

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छह अप्रैल तक बनेगा एक्शन प्लान

डीजीपी ने सभी जिलों को छह अप्रैल 2026 तक ड्रग्स नियंत्रण के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें पिछले 10 साल के अपराधियों का डेटा, हॉटस्पॉट की पहचान और कार्रवाई की रणनीति शामिल होगी।

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निदान पोर्टल का उपयोग बढ़ाने पर जोर

बैठक में एडीजी नारकोटिक्स डी. श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि निदान पोर्टल पर देशभर के ड्रग्स अपराधियों का डेटा उपलब्ध है, जिसका अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार मॉनिटर किया जाएगा, ताकि प्रदेश में ड्रग्स नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।



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