मध्य प्रदेश सरकार के जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 81 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। यह कुल लक्षित परिवारों का लगभग 73 प्रतिशत है। इसके तहत 10,440 ग्रामों को हर घर जल घोषित किया गया है और बुरहानपुर जिले को देश का पहला प्रमाणित हर घर जल जिला बनाया गया।

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मंत्री उइके ने कहा कि 13.69 लाख नए नल कनेक्शन लगाए गए हैं और 64 ग्रामों में 24 घंटे सातों दिन जल प्रदाय की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा 15,238 नवीन हैंडपंप और नलकूप स्थापित किए गए हैं। उज्जैन संभाग के सभी जिलों में एकल नल जल योजनाओं का कार्य पूरी तरह पूर्ण हुआ है। हर घर नल जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव लाया है। पहले महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यर्थ जाता था। अब घर में नल से जल उपलब्ध होने से समय की बचत हो रही है और महिलाएं पार्लर, सिलाई-कढ़ाई केंद्र और छोटे स्वरोजगार से जुड़ रही हैं।

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इससे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। शुद्ध जल की उपलब्धता से ग्रामीण स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है। जलजनित बीमारियों में कमी आई है, उपचार पर खर्च घटा है और बच्चों की स्कूल उपस्थिति में वृद्धि हुई है। बालिकाओं को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिला है, जिससे शिक्षा स्तर में सुधार देखा जा रहा है।



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