कहते हैं कि जो जमीन से जुड़कर काम करता है, वही शिखर तक पहुंचता है। नेपाल की नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 28 Mar 2026 09:41:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 28 Mar 2026 09:41:10 PM (IST)

'ग्वालियर की बिटिया, नेपाल में मंत्री'! कैंसर अस्पताल से की थी पढ़ाई, अब पड़ोसी देश में संभालेंगी स्वास्थ्य विभाग
निशा मेहता का ग्वालियर से नाता।

HighLights

  1. निशा मेहता का ग्वालियर से नाता।
  2. कैंसर अस्पताल से की थी पढ़ाई।
  3. पड़ोसी देश में संभालेंगी स्वास्थ्य विभाग।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कहते हैं कि जो जमीन से जुड़कर काम करता है, वही शिखर तक पहुंचता है। नेपाल की नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

मेहता का ग्वालियर से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कैंसर अस्पताल और अनुसंधान संस्थान के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से मास्टर डिग्री पूरी की। वर्ष 2015 में इस कॉलेज में दाखिला लिया और 2017 में एमएससी (ऑब्स एंड गायनी) की डिग्री पूरी कर ली।

प्रारंभिक शिक्षा और पेशेवर प्रतिबद्धता

मेहता ने अपनी प्रारंभिक नर्सिंग शिक्षा एम्स दिल्ली से बीएससी नर्सिंग कर पूरी की। यहीं से उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गहराई और पेशेवर प्रतिबद्धता को समझा। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने ग्वालियर स्थित कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग को चुना।

ग्वालियर में बिताए गए दो वर्ष उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुए, जहां उन्होंने न केवल अकादमिक उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और व्यवहारिक कौशल भी विकसित किए।

सहयोग और लोकप्रियता का रहा सफर

उनके साथ पढ़े पवन त्यागी बताते हैं कि निशा का व्यवहार बेहद सरल और सहयोगात्मक था। वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने साथियों की मदद करने में भी हमेशा आगे रहती थीं, जिससे वे सभी के बीच लोकप्रिय थीं।

संस्थान के लिए गर्व का क्षण नर्सिंग कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे यहां से पढ़ाई करने वाली छात्रा आज नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री बनी हैं। यह न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है।

सेवा से नेतृत्व तक का सफर

नर्सिंग के दौरान मिले जमीनी अनुभव और मरीजों के साथ सीधे जुड़ाव ने उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों को करीब से समझने का मौका दिया। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव बना और आज वे नेपाल की स्वास्थ्य नीतियों को दिशा दे रही हैं।



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