समारोह की अध्यक्षता इंदौर के होल्कर परिवार के राजगुरु डॉ. विजय राजोपाध्याय ने की। इसके अलावा, रामनवमी के पावन अवसर पर उपस्थित अतिथियों को पूजा-अनुष्ठान करने और भेंट चढ़ाने का अवसर भी मिला।
परिवार के सेवा कार्यों को बढ़ाना प्राथमिकता
इस अवसर पर युवराज यशवंत राव होल्कर ने कहा, “मेरी बुआ, महारानी उषा देवी द्वारा मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी जाना, मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। आधुनिक युग के साथ होल्कर परिवार की औपचारिक भूमिका भी विकसित हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए, होल्कर सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से विरासत संरक्षण किया जाएगा। रेवा सोसाइटी और वुमनवीव के माध्यम से हथकरघा का पुनरुत्थान पर ध्यान देंगे, वहीं खासगी ट्रस्ट के माध्यम से पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होल्कर के परोपकारी सेवा कार्यों और धार्मिक कार्यों को बढ़ाएंगे। हमारे परिवार की सेवा की विरासत को आगे बढ़ाना मेरी प्राथमिकता रहेगी और मैं इस दिशा में हरसंभव ईमानदार प्रयास करूंगा।”
पूर्वजों को नमन किया
युवराज यशवंत राव होल्कर ने सभी को नमन किया। उन्होंने कहा, ‘मैं विनम्रतापूर्वक हमारे दिव्य कुलदेवता भगवान मल्हारी मार्तंड, मेरे पूज्य पिता महाराज प्रिंस रिचर्ड ऊर्फ शिवाजीराव होल्कर, माता पद्मश्री सैली ऊर्फ शालिनी देवी होल्कर, मेरी प्रिय बहन सबरीना ऊर्फ संयोगिता राजे, मेरी आदरणीय बुआ महारानी उषा देवी और आदरणीय फूफा सतीश मल्होत्रा, मेरे दादा स्वर्गीय महाराजाधिराज राजराजेश्वर सवाई यशवंतराव द्वितीय होल्कर XIV बहादुर, इंदौर के महाराजा और हमारे पूज्य पूर्वज, पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या देवी और श्रीमंत सरदार मल्हारराव होल्कर सूबेदार बहादुर के आशिर्वादों की कामना करता हूं।
समारोह और अनुष्ठानों के उपरांत, पूर्व इंदौर रियासत के सम्मानित सरदारों का दरबार आयोजित किया गया। इस समारोह में होल्कर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पूर्व इंदौर रियासत के सरदार, दरबारी, दरकदार, ठाकुर और अन्य वंशानुगत प्रतिष्ठित जन भी उपस्थित थे।




