मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भर्ती प्रक्रिया अब बड़ा विवाद बनती जा रही है। 2517 पदों पर निकली भर्ती के बाद चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। हालात यह हैं कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक सभी चयनितों को नियुक्ति नहीं मिल सकी, जिससे अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।
कोर्ट आदेश के बाद भी नहीं मिली राहत
दिसंबर 2024 में निकली भर्ती के तहत मार्च 2025 में परीक्षा हुई और जून में दस्तावेज सत्यापन पूरा कर लिया गया। कुछ प्रश्नों पर आपत्तियों के बाद मामला अदालत पहुंचा। 10 दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 6 जनवरी को 545 चयनितों का संशोधित परिणाम जारी किया गया, लेकिन इसके बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई।
मंत्री और अफसर आमने-सामने
इस पूरे मामले में विभाग के अंदर ही विरोधाभास सामने आ रहा है। एक ओर मंत्री का कहना है कि प्रक्रिया जारी है और जल्द निर्णय होगा, वहीं विभाग के उप सचिव मंदार पुराणिक साफ कह रहे हैं कि विभाग में पद ही उपलब्ध नहीं हैं। दोनों के बयानों में यह टकराव भर्ती की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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आंदोलन के बाद भी नहीं बनी बात
18 फरवरी को चयनित अभ्यर्थियों ने इंदौर स्थित नोडल एजेंसी के सामने प्रदर्शन किया था। उस समय विभाग ने एक महीने में अलॉटमेंट की बात कही थी, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि विभाग केवल करीब 200 लोगों की नियुक्ति कर बाकी प्रक्रिया खत्म करने की तैयारी में है।
545 चयनित, पर पदों का संकट
भर्ती 818 पदों के लिए निकली थी, जबकि विभाग तीन बार 545 चयनितों की सूची जारी कर चुका है। इसके बावजूद अब यह कहा जा रहा है कि नियुक्ति के लिए पर्याप्त पद नहीं हैं। इससे चयनित अभ्यर्थियों में भ्रम और नाराजगी और बढ़ गई है।
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चयनितों की चेतावनी, सड़क से सदन तक घेराव
नाराज अभ्यर्थियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सभी 545 चयनितों को एक साथ नियुक्ति नहीं दी गई तो भोपाल में मुख्यमंत्री निवास और ऊर्जा विभाग का घेराव किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने सामूहिक आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने की भी चेतावनी दी है, जिसकी जिम्मेदारी विभाग के अधिकारियों पर होगी।
