एक ओर दुनिया वैश्विक ईधन के संकट से जूझ रही है। दुनियाभर की सप्लाई चैन प्रभावित हो गई है। ऐसे में मंगलवार रात उज्जैन शहर में पेट्रोल पंपों पर अचानक असामान्य भीड़ देखने को मिली। शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पंपों पर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में कई पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। पंप संचालक भी अचानक बढ़ी इस भीड़ को देखकर हैरान रह गए।

बाद में स्थिति स्पष्ट हुई कि सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया था। किसी वास्तविक कमी के बिना ही लोगों ने घबराकर ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे पैनिक बाइंग की स्थिति बन गई।

उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से पेट्रोल-डीजल की किल्लत की जानकारी मिली थी, जिसके चलते वे एहतियातन पंपों पर पहुंचे। वहीं, पंप संचालकों ने साफ किया कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि यह स्थिति पूरी तरह अफवाहों के कारण उत्पन्न पैनिक बाइंग का परिणाम है।

ईंधन की कोई कमी नहीं: जिला आपूर्ति नियंत्रक


जिला आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी शालू वर्मा ने भी सभी आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि उज्जैन जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, नायरा और अन्य कंपनियों के पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन स्टॉक में मौजूद है। जिले में कुल मिलाकर लगभग 1605 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है।

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दो पेट्रोल पंप बंद होने से बढ़ी परेशानी


शहर के दो तालाब क्षेत्र और नानाखेड़ा स्थित पेट्रोल पंपों पर शाम के समय पेट्रोल-डीजल की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, जिससे वहां पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। कई लोग ईंधन के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हालांकि, इन पंपों पर सीएनजी उपलब्ध रही। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि पंप कर्मचारियों ने उन्हें सुबह ईंधन मिलने की जानकारी दी।



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