मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह 26 मार्च को अयोध्या जाएंगे। राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यह उनका पहला दौरा होगा। खास बात यह है कि उन्होंने पहले ही संकल्प लिया था कि मंदिर पूरी तरह बनने के बाद ही दर्शन करेंगे, और अब वे उसी वचन को निभाने जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण के दौरान ही घोषणा की थी कि वे आस्था को राजनीति से अलग रखते हैं और पूर्ण निर्माण के बाद ही अयोध्या जाएंगे। अब वे राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला और हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन कर अपने संकल्प को पूरा करेंगे। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार 111 रुपए की निधि भी समर्पित की थी।
सियासत भी गरमाई
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर के संत-महंत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मौजूद थे, जबकि कांग्रेस ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उन्हें समझ आ गया है कि भगवान राम का साथ ही सफलता दिलाता है। अगर यह बात पहले समझ ली जाती, तो अयोध्या में राम मंदिर वर्षों पहले बन जाता। शर्मा ने यह भी कहा कि जब दिग्विजय सिंह रामलला के दर्शन करने जाएं, तो 1992 में शहीद हुए लोगों को भी श्रद्धांजलि दें। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन रामलला को कभी काल्पनिक बताया गया, आज उनके दर्शन कर सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।
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दिग्विजय सिंह का ऐसा रहेगा पूरा कार्यक्रम
सुबह 8:10 बजे: दिल्ली से प्रस्थान
सुबह 9:40 बजे: अयोध्या आगमन
दोपहर तक: राम मंदिर में दर्शन-पूजन
दोपहर 1:30 बजे: सड़क मार्ग से लखनऊ रवाना
शाम 4:00 बजे: लखनऊ आगमन
रात 7:40 बजे: दिल्ली वापसी
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राम मंदिर निर्माण का पूरा सफर
5 अगस्त 2020: भूमि पूजन
22 जनवरी 2024: प्राण प्रतिष्ठा
25 नवंबर 2025: शिखर पर धर्म ध्वजा
19 मार्च 2026: ‘श्री राम यंत्र’ स्थापना
अप्रैल 2026: निर्माण पूर्ण होने की समयसीमा
