ग्वालियर जिला उपभोक्ता आयोग ने ट्रेन की देरी से फ्लाइट छूटने के मामले में रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। …और पढ़ें

HighLights
- आयोग ने 25 हजार मुआवजा देने का आदेश
- रेलवे देरी के सबूत पेश नहीं कर सका
- भुगतान में देरी पर छह प्रतिशत ब्याज लगेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: ग्वालियर में ट्रेन की देरी के कारण फ्लाइट छूटने के एक महत्वपूर्ण मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला 7 जनवरी 2023 का है, जब शैलेंद्र सिंह कुशवाह अपने परिवार के साथ ग्वालियर से नई दिल्ली के लिए केरला एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे।
ट्रेन सुबह 8:50 बजे आने वाली थी, लेकिन करीब चार घंटे की देरी से दोपहर 12:54 बजे पहुंची। इसके चलते ट्रेन नई दिल्ली भी सात घंटे से अधिक देरी से पहुंची।
फ्लाइट छूटने से हुआ आर्थिक नुकसान
उसी दिन रात 8:05 बजे शैलेंद्र सिंह कुशवाह को नई दिल्ली से वाशिंगटन के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। ट्रेन की देरी के कारण वे समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके और उनकी फ्लाइट छूट गई। इस वजह से उन्हें दिल्ली में तीन दिन रुकना पड़ा, जिससे होटल, भोजन और नई फ्लाइट टिकट पर लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
रेलवे की सफाई और आयोग की टिप्पणी
रेलवे ने अपनी सफाई में कहा कि ट्रेन की देरी घने कोहरे और अन्य ट्रेनों की आवाजाही के कारण हुई। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि यात्री टिकट कैंसिल कर सकता था। हालांकि, आयोग ने पाया कि रेलवे अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही यात्रियों को समय पर सही जानकारी देने के प्रमाण दिए।
आयोग का फैसला और मुआवजा
आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा ने 23 मार्च को आदेश जारी करते हुए रेलवे की लापरवाही को स्पष्ट माना। आयोग ने उत्तर मध्य रेलवे और संबंधित अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर शैलेंद्र सिंह कुशवाह को 25 हजार रुपये मुआवजा और दो हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने के निर्देश दिए।
समय पर भुगतान न होने पर ब्याज
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
