नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में साइबर ठगी की दो वारदात हुई। दोनों ही वारदातों में न तो कोई काल आया, न कोई एसएमएस। खाते से सीधे रुपये निकलने का मैसेज आया। तब खाताधारकों को पता लगा। दोनों ही मामलों में महाराजपुरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह ठगी कैसे हुई, इसे लेकर पड़ताल जारी है। जिस तरह से रुपये निकले हैं। आशंका है- एटीएम कार्ड की या तो क्लोनिंग हुई है या फिर नेटबैंकिंग के आइडी-पासवर्ड को हैकिंग के जरिये चोरी कर खातों में सेंध लगाई गई है।
1- शताब्दीपुरम स्थित फेस-1 में रहने वालीं रंजना पत्नी अभिषेक दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका एटीएम कार्ड घर पर रखा था। 10 से लेकर 11 मार्च तक चार बार में उनके बैंक खाते से तीन लाख 63 हजार 438 रुपये निकल गए। न तो मैसेज आया और न ही कोई काल आया खाते से रुपये निकले तो बैंक में संपर्क किया। सबसे पहले खाता ब्लाक करवाया। बैंक से जानकारी मिली कि नेट बैंकिंग के जरिये रुपये निकाले गए हैं। फिर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर काल किया। इस मामले में एफआइआर दर्ज हुई।

भोपाल में IB के रिटायर्ड अधिकारी से ₹1.5 लाख की ठगी, फेसबुक पोस्ट देख जाल में फंसे, तीन किश्तों में ट्रांसफर की पूरी रकम
2- दीनदयाल नगर स्थित कुशवाह मार्केट के पास रहने वाले अरविंद परमार और उनकी पत्नी का बैंक खाता पेटीएम पे-वालेट से लिंक है। वह पूरा लेनदेन इसी पे-वालेट के जरिये करते हैं। उनके बैंक खाते से 98 हजार 500 रुपये और उनकी पत्नी के बैंक खाते से 50 हजार 100 रुपये, 36 हजार 663 रुपये और तीसरी बार में 20 हजार रुपये निकले। तीन बार में उनकी पत्नी और एक बार में उनके खाते से रुपये निकल गए। रुपये निकलने के बाद जब मैसेज आए तब पता लगा। इस मामले में पुलिस का कहना है- पैसा पे-वालेट के जरिये ही निकला है। इसमें भी आशंका है कि नेटबैंकिंग पासवर्ड लीक हुआ है।