इंदौर के ब्रजेश्वरी अग्निकांड में आठ साल के बच्चे का धड़ और सिर अभी भी मलबे में ही दबा हुआ है। पुलिस ने जिसे शव का अंग समझा था, वह फोम का टुकड़ा निकला। बच्चे का सिर्फ पैर ही पुलिस को मिला था। यह खुलासा पोस्टमार्टम के दौरान हुआ। दरअसल घटना के तीन घंटे बाद पुलिस को मलबे में बच्चे के शव के अंग नज़र आए थे। उन्हें चादर में लपेट कर पुलिसकर्मियों ने एमवाय अस्पताल भेज दिया। जब डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के लिए चादर को खोला तो एक पैर का हिस्सा मिला। दूसरा हिस्सा जला हुआ फोम था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आग से घिरे आठों लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने और आग में झुलसने के कारण हुई। तीन महिलाओं के शव बुरी तरह जल गए थे। उनकी पहचान भी मुश्किल थी। हादसे में मृत रुचिका के छह साल के बेटे का धड़ और सिर अभी तक नहीं मिला है। उसके पैर का एक हिस्सा ही मलबे से पुलिस को मिला था।
चार दिन पहले इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स में मनोज पुगलिया के बंगले में लगी आग की रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं हो पाई है, हालांकि जांच में यह खुलासा हुआ है कि आग कार की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसके बाद आग ने बिजली पोल और मकान को चपेट में ले लिया। आग के समय घर में 12 लोग थे, जिनमें आठ लोगों की मौत हो गई। मनोज पुगलिया के तीन बेटे और पत्नी की जान पड़ोसियों ने बचा ली थी।