ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में गरज के साथ गिरे ओलों के कारण खेतों में खड़ी गेहूं सहित रवि सीजन 50% के करीब फसलें बर्बाद हो गईं। अब किसान सरकार से मदद की गुहार लेकर अपने खेतों में खड़े हैं कि कोई सरकारी नुमाइंदा आएगा और सर्वे करेगा। किसानों की मानें तो तेज हवा, बारिश और बेर के आकार के ओले के कारण खेतों में खड़ी रवि सीजन की फसलें जमीन पर लेट गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को अब आर्थिक संकट में लाकर खड़ा कर दिया है।
बता दें कि डबरा- भितरवार अंचल के तमाम ऐसे गांव हैं, जहां फसलों को नुकसान हुआ है और अब किसान सरकार से मुआवजे की आस में है।सेकरा जागीर के किसान दीपक, आकाश, अमर सिंह, बृजमोहन, सुघर सिंह, लक्ष्मण सिंह बताते हैं कि फसलें में करीब 50% का नुकसान है फिलहाल कोई भी सरकारी कर्मचारी सर्वे के लिए नहीं पहुंचा।
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शिवपुरी में बिगड़े हालात
शिवपुरी जिले में अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की खड़ी और कटी गेहूं तथा प्याज की फसलें बर्बाद हो गईं। शहर में आयोजित एक मेगा हेल्थ कैंप में भी अव्यवस्था देखी गई, जबकि करैरा क्षेत्र में बिजली लाइन गिरने से खेत में आग लग गई। सुबह से ही आसमान में बादल छाए थे और हल्की बारिश हुई। मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके कुछ ही देर बाद तेज बारिश और कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि शुरू हो गई।
रामखेड़ी गांव के किसान दिनेश रावत ने बताया कि लगभग 15 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और प्याज की फसलें पूरी तरह खराब हो गईं। खेतों में कटी रखी फसल भी बारिश के कारण भीग गई, जिससे उसके सड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि कटाई के समय हुई इस बारिश और ओलावृष्टि से उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई है।
