भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाले असलम चमड़ा बुधवार को भोपाल केंद्रीय जेल से निकलने के बाद लापता हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि केंद्रीय जेल से निकलते ही उन्हें भोपाल पुलिस के जवानों ने प्राइवेट गाड़ी में बैठाया और भोपाल-इंदौर हाइवे पर घुमाते रहे। इसके बाद किसी थाने ले जाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। परिजनों के आरोप पर भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि असलम चमड़ा को पुलिस ने न तो हिरासत में लिया है और न ही उसे गिरफ्तार किया गया है। असलम कुरैशी अगर गायब है तो परिजन उसकी गुमशुदगी पुलिस में दर्ज कराएं।
पुलिस का तर्क है कि असलम चमड़ा को सामने लाने से मामला फिर सुर्खियों में न आ जाए, इसलिए उसे कुछ दिन छिपे रहने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। इधर पुलिस सूत्रों की मानें तो असलम चमड़ा के खिलाफ पेश चार्जशीट के कमजोर होने के कारण ही उसे जमानत मिलना माना जा रहा है। ऐसे में पुलिस किरकिरी से बचने के लिए उसके खिलाफ एनएसए की प्रकरण तैयार कर रही है। एनएसए का प्रकरण दर्ज होने के बाद असलम चमड़ा को गिरफ्तार किया जाता है तो कम से कम तीन माह जमानत नहीं मिलेगी। हो सकता है कि असलम चमड़ा एनएसए की गिरफ्तारी से बचने के लिए ही गायब हुआ हो।
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गौरतलब है कि करीब 70 दिन बाद एडीजे पंकज कुमार जैन की अदालत ने 35 हजार रुपए के मुचलके पर असलम को रिहा करने के आदेश दिए थे। सूत्रों ने बताया कि असलम को उसके रिश्तेदारों ने गायब कर दिया है। उसे किसी गुप्त स्थान पर रखा हुआ है। जबकि परिजनों का कहना है कि उसे पुलिस ने पकड़ा और उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई पुलिस कर रही है।
इन शर्तों पर बाहर आया असलम
असलम की तरफ से वकील विजय चौधरी और जगदीश गुप्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा था। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी रखी हैं। वह केस की सुनवाई में कोई रुकावट नहीं डालेगा। बिना कोर्ट की इजाजत के वह देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेगा। सुनवाई के दौरान वह बार-बार तारीखें आगे बढ़ाने (स्थगन) की मांग नहीं करेगा।
क्या था पूरा मामला
17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास एक कंटेनर पकड़ा था, जो जिसी स्लॉटर हाउस से निकला था। इसमें 26 टन मांस भरा था। जब इस मांस के सैंपल मथुरा की लैब भेजे गए, तो वहां से आई रिपोर्ट में इसमें गोमांस होने की बात सामने आई। रिपोर्ट आने के बाद 8 जनवरी 2026 को जहांगीराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर असलम और ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
