भोपाल में जमीन और मकानों की कीमतें बढ़ने वाली हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 732 लोकेशनों पर औसतन 11% तक गाइडलाइन रेट बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आया है। इस पर अंतिम निर्णय 23 मार्च को लिया जाएगा।कलेक्टोरेट में बुधवार को हुई जिला मूल्यांकन समिति की दूसरी बैठक में 2,175 लोकेशनों की समीक्षा की गई। इनमें से 732 जगहों पर औसतन 11% तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। करीब 40 सुझावों में से 28 ने रेट बढ़ाने का समर्थन किया।
जनप्रतिनिधियों से बिना चर्चा बढ़ोतरी पर आपत्ति
बैठक में विधायक भगवानदास सबनानी मौजूद रहे, वहीं सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बिना जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए रेट बढ़ाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फैसला लेते समय आम जनता की भावना का भी ध्यान रखा जाए।
भोवरी में नहीं बढ़ेंगे रेट
भोवरी क्षेत्र में किसानों के विरोध को देखते हुए यहां रेट नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि यहां 2025-26 के रेट ही लागू रहेंगे।
35% बढ़ोतरी का प्रस्ताव हुआ कम
शुरुआत में अधिकारियों ने 35% तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आपत्तियों के बाद इसे घटाकर औसतन 11% किया गया। विधायक सबनानी ने एक ही कॉलोनी और वार्ड में अलग-अलग रेट पर सवाल उठाए और सुधार की मांग की। उन्होंने प्रेमपुरा और भदभदा इलाके में रेट न बढ़ाने की भी सिफारिश की।
सैंपदा 2.0 और सैटेलाइट से हुआ सर्वे
सीनियर डिप्टी रजिस्ट्रार स्नेहेश शर्मा ने बताया कि 2017 से 2026 तक के सैटेलाइट डेटा और सैंपदा 2.0 प्लेटफॉर्म के जरिए 2,175 लोकेशनों का विस्तृत सर्वे किया गया। इसमें आम लोगों की आपत्तियां और सुझाव भी शामिल किए गए।
यह भी पढ़ें-भोपाल में कमर्शियल सिलिंडर का काला खेल, एजेंसियों पर उठे सवाल, 2500-3000 में ब्लैक में बिक रहा गैस
एयरपोर्ट रोड पर कम डिमांड, BDA को फटकार
एयरपोर्ट रोड और एयरो सिटी इलाके में प्लॉट्स की कम बिक्री पर भी सवाल उठे। BDA ने रक्षा विहार कॉलोनी के पास रेट घटाने का सुझाव दिया था। इस पर कलेक्टर ने BDA अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूरे एयरपोर्ट रोड क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए। अब 23 मार्च को होने वाली बैठक में गाइडलाइन रेट को अंतिम रूप देकर फ्रीज किया जाएगा। अगर प्रस्ताव पास होता है, तो भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो सकता।
यह भी पढ़ें-राज्यसभा में दिग्विजय सिंह का संदेश, विदाई नहीं, नई पारी की शुरुआत, बोले-अभी और काम बाकी है
किन-किन कैटेगरी में होगा बदलाव
इंडस्ट्रियल और स्पेशल जोन
SEZ प्रभावित क्षेत्र
नए औद्योगिक क्लस्टर
वार्ड आधारित ग्रोथ जोन
हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन एरिया
जहां रेट में असमानता है
