इंदौर की ब्रजेश्वरी कॉलोनी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। बुधवार शाम जब तिलकनगर मुक्तिधाम में एक साथ सात चिताएं जलीं और एक नन्हे बच्चे को दफनाया गया तो मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अग्नि हादसे में मृत आठ लोगों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए। हादसे के शिकार छह लोग बिहार के किशनगंज के थे। शव बुरी तरह जल चुके थे और उन्हें बिहार ले जाना संभव नहीं था। इसके बाद उनकी अंत्येष्टि भी इंदौर में ही करने का फैसला लिया गया।

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छह शव सीधे श्मशान लाए गए

कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन के शव ब्रजेश्वरी एनेक्स पहुंचे और वहां से शवयात्रा निकाली गई। हादसे में बची मनोज की पत्नी और तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। शवयात्रा श्मशान पहुंची। सेठिया परिवार के छह परिजनों के शव वाहन से सीधे श्मशान घाट लाए गए।

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अपर मुख्य सचिव पहुंचे घटनास्थल 

इस घटना की विस्तृत जांच के लिए राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और विशेष डीजी आदर्श कटियार और विशेषज्ञों को घटनास्थल पर भेजा। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। राजन ने उक्त घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक व्यक्त कर कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए घटना से जुड़े हर पहलू की विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही एक एसओपी बनाई जाएगी। राजन ने कहा कि उक्त घटना से जुड़ी जांच के लिए आईआईटी के एक्सपर्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वाहन विशेषज्ञों की एक बैठक कर पता लगाया जाएगा कि इलेक्ट्रिक वाहनों में चार्जिंग के दौरान इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं।



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