इंदौर के एक मकान में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को पड़ोसियों की मदद से बचा लिया गया। हादसे के समय घर में परिवार के पांच सदस्य और छह मेहमान मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार, मकान मालिक मनोज की पत्नी का भाई अपने परिवार के साथ इलाज के सिलसिले में यहां ठहरा हुआ था। वह कैंसर से पीड़ित था। इस हादसे में पांच मेहमानों की भी मौत हो गई, जबकि मनोज, उनकी पत्नी और तीन बच्चे सुरक्षित बच निकले।

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स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि आग लगने की सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और उसके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। उनका कहना है कि समय पर राहत मिलती तो जानें बचाई जा सकती थीं।

बताया गया कि सुरक्षा कारणों से घर के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था, जिससे आग लगने के बाद अंदर फंसे लोगों तक तुरंत मदद नहीं पहुंच पाई। इसी दौरान गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिससे आग और तेजी से फैल गई और ये भयावह हादसा हो गया। 



कैलाश विजयवर्गीय ने जताया दुख


मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- बहुत दुखद घटना है। अलार्मिंग भी है, क्योंकि ईवी का युग है। इसकी चार्जिंग में आग लगी है। पूरा समाज ईवी की तरफ जा रहा है। पुलिस कमिश्नर से कहा है कि इसके लिए एक्सपर्ट की कमेटी बनाएं, ताकि इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो। इसकी पूरी जानकारी लेकर इसकी एसओपी बनाना चाहिए।



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