मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने के लिए दिल्ली में दो दिन तक अहम बैठकों का दौर चला। इन बैठकों में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,सीडब्ल्यूसी सदस्य मीनाक्षी नटराजन एवं कमलेश्वर पटेल के साथ कई नेताओं ने बैठक में सहभागिता की।
दो दिन तक चला मंथन
बैठकों की शुरुआत AICC मुख्यालय में संगठनात्मक चर्चा से हुई, जिसके बाद अगले दिन लंबी मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पार्टी के ढांचे, कार्यप्रणाली और जमीनी हालात की गहन समीक्षा की गई।
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प्रभारी सचिवों से ली गई रिपोर्ट
बैठक में प्रदेश के अलग-अलग संभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रभारी सचिवों से उनके क्षेत्रों की रिपोर्ट ली गई। इसमें संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और क्षेत्रीय मुद्दों पर फीडबैक लिया गया। बैठक के दूसरे दिन मोर्चा संगठनों की खास मौजूदगी इस बैठक की खास बात यह रही कि यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस और सेवादल, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्षों को भी शामिल किया गया। इन संगठनों की गतिविधियों, जमीनी पकड़ और विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
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आगे की रणनीति पर फोकस
बैठक में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनआंदोलनों को तेज करने और पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जिला कार्यकारिणी घोषित होने में हो रही देरी का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि प्रदेश के केवल करीब 10 फीसदी जिलों में ही कार्यकारिणी घोषित हो पाई है, जिससे संगठन के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
