ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष कैलेंडर तैयार किया गया …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 17 Mar 2026 07:48:02 AM (IST)Updated Date: Tue, 17 Mar 2026 07:48:02 AM (IST)

ग्वालियर में नवरात्र के पहले दिन जारी होगा अनोखा कैलेंडर, ग्रेगोरियन की जगह भारतीय पंचांग के महीनों को मिलेगी प्रमुखता
ग्वालियर विश्वविद्यालय 19 मार्च को जारी करेगा विशेष सांस्कृतिक कैलेंडर (AI Generated Image)

HighLights

  1. ग्रेगोरियन की जगह भारतीय पंचांग के महीनों को मिली प्राथमिकता
  2. नव संवत्सर पर विश्वविद्यालय परिसर में होगा कैलेंडर का विमोचन
  3. भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कैलेंडर तैयार किया गया है। यह कैलेंडर 19 मार्च को जारी किया जाएगा। इसमें पारंपरिक ग्रेगोरियन तिथियों के स्थान पर भारतीय पंचांग के अनुसार महीनों को प्रमुखता दी गई है।

विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों और समाज को भारतीय कालगणना और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

भारतीय पंचांग के महीनों को दी गई प्रमुखता

इस विशेष कैलेंडर में चैत्र, वैसाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ जैसे भारतीय पंचांग के पारंपरिक महीनों को प्रमुख रूप से दर्शाया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक माह में आने वाले प्रमुख हिंदू पर्व, व्रत और सांस्कृतिक प्रसंगों को भी विस्तार से शामिल किया गया है।

कैलेंडर के प्रत्येक पृष्ठ पर संबंधित माह के महत्वपूर्ण त्योहारों की जानकारी, उनका सांस्कृतिक महत्व और उनसे जुड़े चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं। इससे पाठकों को भारतीय परंपराओं और त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।

नव संवत्सर पर होगा औपचारिक विमोचन

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस कैलेंडर का औपचारिक विमोचन भारतीय नववर्ष यानी नव संवत्सर के अवसर पर किया जाएगा। 19 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसे सार्वजनिक रूप से जारी किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

विद्यार्थियों और समाज को जोड़ने का प्रयास

विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस कैलेंडर को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारतीय ज्ञान परंपरा और सनातन मूल्यों से जोड़ना है। यह केवल तिथियां बताने वाला कैलेंडर नहीं है, बल्कि भारतीय कला, संगीत और सांस्कृतिक चेतना को भी प्रोत्साहित करेगा।

विभागों और कला प्रेमियों को मिलेगा कैलेंडर

विश्वविद्यालय द्वारा तैयार यह कैलेंडर सभी विभागों, संबद्ध महाविद्यालयों और शहर के कला एवं संस्कृति प्रेमियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से भारतीय कालगणना और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।



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