नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा तो हुई, लेकिन लिए गए फैसलों से शहर के हजारों लोगों को राहत मिलने की बजाय इंतजार और बढ़ गया है। बैठक में हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत बन रहे कई आवासीय प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसियों को तीन महीने से लेकर एक साल तक का अतिरिक्त समय दे दिया गया है। इस फैसले का सीधा असर उन हितग्राहियों पर पड़ेगा, जो किस्तें भरने के बावजूद अभी तक अपने घर का इंतजार कर रहे हैं और किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
कई परियोजनाओं को मिला समय विस्तार
एमआईसी ने आलम नगर, गंगा नगर, श्याम नगर, सेक्टर-12, कलखेड़ा और रासलाखेड़ी की आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ठेकेदार कंपनी को अतिरिक्त समय देने की मंजूरी दी। तय समय में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण अब इन परियोजनाओं की समयसीमा बढ़ा दी गई है।
फ्लैट की कीमतों में बड़ा इजाफा
बैठक में बागमुगालिया आवास परियोजना के खाली पड़े मकानों की कीमत बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। एलआईजी मकानों की बेस प्राइस 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी गई। एमआईजी मकानों की कीमत 25 लाख से बढ़ाकर 36 लाख रुपए तय की गई।
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आदमपुर कचरा प्लांट पर फैसला टला
आदमपुर खंती में जमा पुराने कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए टेंडर मंजूरी पर चर्चा हुई, लेकिन अंतिम फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। यह प्रस्ताव अब नगर निगम परिषद की अगली बैठक में रखा जाएगा।गौरतलब है कि इसी दौरान आदमपुर डंपिंग साइट पर आग लगने की घटना भी सामने आई, जिससे कचरा निपटान की समस्या की गंभीरता फिर उजागर हो गई।
शहर में 14 जगह फिर लगेगी पार्किंग फीस
एमआईसी ने शहर के 14 स्थानों पर ठेका और प्रीमियम पार्किंग शुल्क दोबारा लागू करने की मंजूरी भी दे दी है। इससे नगर निगम की आय बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
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बजट में भी होंगे बदलाव
आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम के बजट ढांचे में भी बदलाव करने की तैयारी है। इसके तहत बजट के कई मदों को कम किया जाएगा और कुछ क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
