नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: सदर बाजार मुरार की गणेश गैस एजेंसी यूं तो रोजाना सुबह आठ बजे खुलती है। लेकिन शनिवार को एजेंसी खुलने से पहले ही लोग लाइन लगाकर खड़े थे। जिससे वे सिलिंडर का नंबर लगा सकें। यही हालत तकरीबन शहर की सभी इंडेन गैस एजेंसियों के कार्यालय की थी। हालांकि, अन्य कंपनियों के कार्यालयों पर लोग आ रहे थे और सिलिंडर बुक कराकर जा रहे थे।

कैटरर्स डीजल भट्ठी, लकड़ी और कोयले से बना रहे खाना

एजेंसी कार्यालय पर सिलिंडर बुक कराने के लिए उपभोक्ता इसलिए पहुंचे, क्योंकि प्रशासन ने ऑनलाइन सिलिंडर बुक करने में आ रही परेशानियों को देखते हुए शुक्रवार को एजेंसियों पर ही ऑफलाइन बुकिंग कर सिलिंडर देने के निर्देश जारी किए थे। ऐसे में सुबह से ही एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार लग रही थी।

वहीं, शादियों के सीजन में कैटरर्स अब डीजल भट्ठियों, लकड़ी और कोयले से खाना बना रहे हैं। बाजार में इंडक्शन और कोयले की मांग भी बढ़ गई है। कैटरर्स अब 15 मार्च से शुरू होने वाले खरमास का इंतजार कर रहे हैं, ताकि काम रुकने पर कुछ राहत मिले।

पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध की वजह से केंद्र सरकार एलपीजी को आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया और कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति रोक दी। साथ ही सिलिंडर बुकिंग करने के लिए 21 दिन की बजाय 25 दिन कर दिए। इस आदेश के बाद से उपभोक्ताओं में पैनिक फेल गया और लोग ऑनलाइन बुकिंग करने लगे। ऐसे में गैस कंपनियों के सर्वर व साफ्टवेयर पर लोड बढ़ा और बुकिंग होना ही बंद हो गया। ऐसे में लोग परेशान हो गए।

ऑनलाइन सिलिंडर बुक तो हो रहा है लेकिन कई प्रयासों के बाद

सबसे अधिक उपभोक्ता वाली इंडेन गैस के साफ्टवेयर में ऑनलाइन बुकिंग होना शुरू हो गया है। लेकिन ऑनलाइन फोन से बुकिंग कई प्रयासों के बाद हो रही है। कई उपभोक्ताओं को निराशा झेलनी पड़ती है तो कुछ उपभोक्ताओं को चार से पांच या अधिक प्रयासों में सिलिंडर बुक करने में सफलता मिल रही है। हालांकि, अभी सामान्य तौर पर साफ्टवेयर में बुकिंग नहीं हो रही है।

इस तरह हो रही है ऑफलाइन बुकिंग

एजेंसी पर ऑफलाइन सिलिंडर बुक कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि वे रजिस्टर पर उपभोक्ता का कनेक्शन नंबर, फोन नंबर लिख रहे हैं और उनसे रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा रहे हैं। इसके बाद वे कंपनी के उस पोर्टल पर सिलिंडर को बुक कर रहे हैं, जिसका उपयोग केवल एजेंसियां व कंपनी करती हैं।

इस सॉफ्टवेयर में बुक करते हैं तो उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर एक कोड जाता है। उस कोड को उपभोक्ता एजेंसी पर दे रहे हैं और उनका सिलिंडर बुक हो रहा है। इसके बाद उपभोक्ताओं के पास सिलिंडर की डिलीवरी की जाएगी।

बढ़ रही है डिलीवर होने वाले सिलिंडरों की संख्या

शहर में सामान्य दिनों में सभी कंपनियों की एजेंसियों से औसतन 12 हजार सिलिंडर रोजाना डिलीवर हो रहे थे। हालांकि, सॉफ्टवेयर में दिक्कत आने के बाद यह संख्या आधे से भी कम रह गई थी। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एचपी कंपनी की एजेंसियों से 1177, भारत गैस की एजेंसियों से 1962 व इंडेन गैस की एजेंसियों से 3462 सिलिंडरों की डिलीवरी हुई थी। लेकिन ऑनलाइन व ऑफलाइन बुकिंग शुरू होने के बाद यह संख्या आठ हजार को पार कर गई है। आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आगामी दो से तीन दिन में स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।

होटल-रेस्टोरेंट में इंडक्शन का हो रहा उपयोग

होटल, रेस्टोरेंट में इंडक्शन, एयर फ्रायर, इलेक्ट्रिक राइस कुकर जैसे उपकरणों का उपयोग हो रहा है। हालांकि, शहर की डेयरियों व छोटे नाश्ते आदि के ठेलों पर कहीं कहीं घरेलू सिलिंडर भी नजर आए।

ऑनलाइन बुकिंग भी हो रही है, लेकिन अभी कम हो रही है। इसलिए एजेंसियों पर भी आफलाइन बुकिंग हो रही है। यहां पर उपभोक्ता से कनेक्शन, फोन नंबर आदि की जानकारी लेकर बुक कर रहे हैं। इसके बाद एक कोड उपभोक्ता के मोबाइल पर जाता है और वह एजेंसी पर देता है तो उसका सिलिंडर बुक हो जाता है। साथ ही जितनी बुकिंग आ रही है उनकी डिलीवरी हो रही है।

– श्यामानंद शुक्ला, कोर्डिनेटर

सभी एजेंसियों पर ऑफलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। ऐसे में अब उपभोक्ताओं को बुकिंग के एक से दो दिन में सिलिंडर मिल जाएंगे। हालांकि, ऑनलाइन बुकिंग भी हो रही है। ऐसे में अब आगामी दो से तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

– अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति अधिकारी

गैस किल्लत को देखते प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम, जारी किए नंबर

जिले में एलपीजी संकट को देखते हुए प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है और मोबाइल नंबर जारी किए हैं। यदि किसी को समस्या आ रही है तो वह इन नंबरों पर काल कर सकता है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया ने बताया कि कंट्रोल रूम के मोबाइल नम्बर 7247560709 एवं 7000878489 है। जिले का कोई भी नागरिक घरेलू गैस के संबंध में कोई भी समस्या हो तो कंट्रोल रूम पर संपर्क कर सकता है।



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