नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चार दिन के बाद आखिर शहर की रसोई गैस बुकिंग सॉफ्टवेयर में सुधार आना शुरू हो गया है, यानी कुछ प्रयास के बाद उपभोक्ताओं के सिलिंडर बुक होने लगे हैं। साथ ही प्रशासन ने भी गैस एजेंसियों से मैन्युअल बुकिंग करने के लिए कहा है, जिससे लोगों में घबराहट न फैले और उन्हें सिलिंडर समय पर मिल सके। इससे एलपीजी उपभोक्ताओं को कम ही सही, कुछ तो राहत मिलेगी।
बता दें कि ईरान व अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एलपीजी को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी किए थे। साथ ही कमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने के साथ-साथ बुकिंग के दिन भी बढ़ा दिए थे।
इंडेन गैस के सॉफ्टवेयर में सुधार की प्रक्रिया जारी
इसके बाद ही सबसे अधिक उपभोक्ता वाली इंडेन गैस के सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन बुकिंग भी बंद हो गई। इसके बाद लोगों में घबराहट फैल गई, लोग किसी तरह भी सिलिंडर लेने के लिए प्रयास करने लगे। सॉफ्टवेयर में बुकिंग तो हो रही है, लेकिन कम।
पिछले चार दिन से सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन सिलिंडर की बुकिंग हो ही नहीं पा रही थी, लेकिन शुक्रवार को बुकिंग होने लगी। हालांकि, अभी उस तरह से सिलिंडर बुक नहीं हो पा रहा है जिस तरह से पहले होता था।
गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि सॉफ्टवेयर में बुकिंग की प्रक्रिया में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी प्रक्रिया सामान्य नहीं हुई है। कुछ लोगों के सिलिंडर बुक हुए हैं तो कुछ के नहीं, लेकिन आगामी दिनों में प्रक्रिया के सामान्य होने की उम्मीद है।
प्रशासन ने एजेंसियों पर शुरू कराई मैन्युअल बुकिंग
इधर शहर में एलपीजी सिलिंडर को लेकर मची हाय-तौबा को देखते हुए प्रशासन ने एजेंसियों को मैन्युअल तरीके से सिलिंडर बुक करने के आदेश दिए। लेकिन इसमें यह कहा गया कि वे सिलिंडर बुक कराने वाले उपभोक्ता से उसकी पूरी हिस्ट्री लें, मतलब उन्होंने पिछला सिलिंडर कब लिया था। इसके बाद ही सिलिंडर दें। यह प्रक्रिया एजेंसियों पर शुरू हुई है यानी यदि फोन से ऑनलाइन सिलिंडर बुक नहीं हो रहा है तो एजेंसियों से मैन्युअल व्यवस्था के तहत जरूरतमंद उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिल जाएंगे।
एलपीजी संकट के बीच उज्ज्वला योजना की बुकिंग में उछाल
एलपीजी संकट में उज्ज्वला योजना में बुकिंग बढ़ गई है। आमतौर पर सामान्य दिनों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं में से 20 प्रतिशत ही सिलिंडर बुक कराते हैं, लेकिन जबसे एलपीजी संकट खड़ा हुआ है, इस योजना के हितग्राहियों ने अधिक बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि पहले औसतन 20 प्रतिशत ही बुकिंग होती थी, लेकिन वर्तमान में इस योजना के हितग्राही 40 से 45 प्रतिशत तक बुकिंग कर रहे हैं।
यहां बता दें कि जिले में 1 लाख 51 हजार 316 बीपीएल महिलाओं को पीएम उज्ज्वला योजना के तहत फ्री कनेक्शन दिए गए हैं। इसमें उन्हें सिलिंडर पर तीन सौ रुपये की सब्सिडी मिलती है, जो साल में नौ सिलिंडर तक ही सीमित है।
एजेंसियों पर बढ़ी पेंडेंसी और वितरण की स्थिति
बुकिंग न मिलने से कुछ एजेंसियां डिलीवरी नहीं दे पा रही हैं, तो कुछ पर पेंडिंग हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग न होने से इंडेन की एजेंसियों पर बुकिंग कम आ रही हैं, जितनी भी बुकिंग आ रही हैं उन्हें वे डिलीवर कर रहे हैं।
लेकिन वहीं दूसरी कंपनियों भारत व एचपी की गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर पर दबाव जरूर था लेकिन बुकिंग हो रही थी। ऐसे में इन एजेंसियों पर एक हजार से 12 सौ बुकिंग पहुंच रही है, जिनमें से वे छह से सात सौ सिलिंडर की ही डिलीवरी कर पा रहे हैं। यानी औसतन 50 प्रतिशत पेंडेंसी बढ़ रही है।
ग्वालियर गैस वितरण: फैक्ट फाइल
इंडेन गैस एजेंसियां: 20
एचपी गैस एजेंसियां: 03
भारत गैस एजेंसियां: 05
रोजाना वितरण (सामान्य): 12,000 सिलिंडर
वर्तमान वितरण: 6,000 से 7,000 सिलिंडर
जिम्मेदारों के कथन
“शुक्रवार से ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया में कुछ सुधार हुआ है और बुकिंग हो रही है। हालांकि पहले की तरह प्रक्रिया सामान्य नहीं है, लेकिन आगामी दिनों में सामान्य हो जाएगी। जब प्रक्रिया सामान्य हो जाएगी तो सिलिंडर डिलीवरी भी सुधर जाएगी।” – श्यामानंद शुक्ला, कोर्डिनेटर, ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन
“सभी गैस एजेंसियों पर मैन्युअल सिलिंडर बुकिंग करने के निर्देश दिए हैं और बुकिंग शुरू भी करा दी है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, लेकिन उन्हें सिलिंडर लेने की हिस्ट्री एजेंसी पर बताना होगी, तभी एजेंसियां सिलिंडर बुक करेंगी।” – अरविंद सिंह भदौरिया, जिला आपूर्ति अधिकारी
