अस्पताल में अव्यवस्थाओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर ने यह आकस्मिक दौरा किया। वे करीब एक घंटे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों में रहे और व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर की जांच की, जिसमें पाया गया कि ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड के डॉक्टरों के लिए अलग-अलग रजिस्टर रखे गए थे। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए रोस्टर को व्यवस्थित करने और ड्यूटी चार्ट को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
ड्यूटी रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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कलेक्टर ने मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में तत्काल टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गर्भवती महिलाओं और ऑर्थोपेडिक मरीजों को घंटों तक कतार में खड़े रहने की परेशानी से राहत मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं कलेक्टर ने अस्पताल में लिफ्ट का कार्य अगले एक माह में पूरा करने और दो नई लिफ्ट लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में परेशानी न हो।
इस दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को बिना किसी परेशानी के बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं।
कलेक्टर ने अस्पताल की लिफ्ट के मरम्मत कार्य की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि लिफ्ट का सुधार कार्य जारी है और इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिल सकेगी।
