भोपाल में भीड़ के बीच ट्रेन में चढ़ रहे यात्रियों की जेब से मोबाइल फोन चोरी करने वाले बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ट्रेन यात्रा के दौरान चोरी हुए मोबाइल फोन आमतौर पर मिल नहीं पाते। जीआरपी प्रकरण तो दर्ज करती है, लेकिन फरियादियों के शहर अथवा प्रदेश के बाहर होने के कारण पुलिस की ओर से मोबाइल बरामदगी को लेकर गंभीरता कम ही दिखाई देती है। पिछले दो दिनों में आधा दर्जन से अधिक मोबाइल फोन चोरी की वारदातें सामने आई हैं, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय कुनाल भावसार गंजबासौदा (जिला विदिशा) का रहने वाला है। वह अपने घर गंजबासौदा जाने के लिए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। रात में ट्रेन का इंतजार करते समय उसे नींद आ गई। कुछ समय बाद जागने पर उसने देखा कि उसकी पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी हो चुका है। चोरी हुए मोबाइल की कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई गई है।
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इसी तरह धीरेंद्र सिंह राजपूत (28) शमशाबाद (जिला विदिशा) का रहने वाला है। वह प्रयागराज एक्सप्रेस से चित्रकूट से गंजबासौदा की यात्रा कर रहा था। गंजबासौदा स्टेशन पहुंचने पर वह जनरल कोच से नीचे उतरने के लिए गेट पर पहुंचा, तभी किसी ने उसकी पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी गए मोबाइल की कीमत का खुलासा नहीं हो सका है।
इसी प्रकार अजय फूलचंद गुप्ता (40) ठाणे (महाराष्ट्र) में रहते हैं। पिछले दिनों वह अपने गृहनगर जौनपुर (उत्तर प्रदेश) गए थे। वापस लौटते समय अजय दादर सेंट्रल विशेष ट्रेन के स्लीपर कोच में वाराणसी से कल्याण तक सफर कर रहे थे। इटारसी स्टेशन के आसपास उनका चार्जिंग प्वाइंट पर लगा मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी गए मोबाइल की कीमत करीब 17 हजार रुपये बताई गई है।
इसी तरह फरियादी कमल किशोर गुप्ता (62) मालवा एक्सप्रेस में ऊधमपुर स्टेशन से भोपाल की यात्रा कर रहे थे। रात करीब एक बजे ट्रेन मुरैना स्टेशन के आसपास से गुजर रही थी, तभी किसी ने उनका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत करीब 18 हजार रुपये बताई गई है।
