ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद इंदौर में उपजी एलपीजी गैस की किल्लत के चलते कलेक्टर शिवम वर्मा ने अफसरों की बैठक ली और कहा कि इंदौर में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ता घबराए नहीं। अफसरों से उन्होंने कहा कि इनकी कालाबाजारी न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उधर खाद्य विभाग की टीम ने दुकान व होटलों में रसोई गैस के इस्तेमाल को रोकने के लिए अभियान चलाया और एक दिन में 105 सिलेंडर जब्त किए है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया कि हाल ही में आशंका के कारण बुकिंग में अचानक वृद्धि हुई है। पिछले दो दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक बुकिंग दर्ज की गई है। लोगों में अनावश्यक भय का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि 14 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर सिलेंडर मिलते रहेंगे। ऑयल कंपनियों द्वारा केवल इतना बदलाव किया गया है कि सिलेंडर की अगली बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के तीन दिन के भीतर डिलीवरी घर पर ही ओटीपी के माध्यम से दी जा रही है।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित है। होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को डीजल भट्टी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कॉइल जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। कलेक्टर वर्मा ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिए कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और कालाबाजारी नहीं होने दी जाए। यदि होटल या अन्य व्यवसायों को घरेलू सिलेंडर दिए जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शैक्षणिक संस्थान और अस्पतालों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी।
प्रशासन ने निगरानी के लिए तीन जांच दल गठित किए हैं, जो सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक वितरण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता से ओटीपी अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। शहर में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां होटल और रेस्टोरेंट को तत्काल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को सिलेंडर मिलने में समस्या होती है, तो वे भारत गैस के हेल्पलाइन नंबर 1800-22-4344 या इंडेन और एचपी के नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
