नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब जरूरत के समय घर में रखी चांदी भी आपके काम आएगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने फैसला लेते हुए एक अप्रैल से चांदी के बदले लोन देने के नए नियमों को मंजूरी दे दी है।

अभी तक बैंक और फाइनेंस कंपनियां मुख्य रूप से सोने पर ही लोन देती थीं, लेकिन अब बैंकों व फाइनेंस कंपनियों में चांदी गिरवी रखकर भी नकदी प्राप्त की जा सकेगी।

आरबीआई के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक अप्रैल से सभी सरकारी, प्राइवेट, को-आपरेटिव बैंक और एनबीएफसी ग्राहकों को चांदी के आभूषण या सिल्लियों पर लोन दे सकेंगे। चूंकि चांदी की कीमतों में शेयर बाजार की तरह उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं।

कितना मिलेगा लोन और क्या है इसकी सीमा

लोन की शर्तों के अनुसार, चांदी के बदले आप अधिकतम 2.5 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। इसमें एलटीवी रेश्यो (LTV Ratio) का विशेष ध्यान रखा गया है। आप अपनी चांदी की कुल वैल्यू का 85 प्रतिशत तक हिस्सा बतौर लोन ले सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी चांदी की कीमत एक लाख रुपये है, तो आपको 85 हजार रुपये तक का लोन मिल सकेगा (बशर्ते वह 2.5 लाख की सीमा में हो)। कीमत का निर्धारण करते समय पिछले 30 दिनों की औसत कीमत और मौजूदा बाजार भाव, दोनों का मिलान किया जाएगा।

लोन न चुकाने पर नीलामी की प्रक्रिया

यदि कोई उधारकर्ता लोन की किस्तें समय पर नहीं भर पाता है, तो बैंक सीधे उसकी चांदी नहीं बेचेगा। सबसे पहले ग्राहक को औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। यदि फिर भी भुगतान नहीं होता, तो चांदी की सार्वजनिक बोली लगाई जाएगी।

बोली की शुरुआत चांदी की मौजूदा वैल्यू के 90 प्रतिशत से होगी। खास बात यह है कि यदि नीलामी में चांदी लोन की राशि से अधिक दाम पर बिकती है, तो बची हुई अतिरिक्त राशि बैंक को उधारकर्ता को वापस करनी होगी।

गोल्ड लोन से तुलना और विशेषज्ञों की राय

गोल्ड लोन में एलटीवी आमतौर पर 75 प्रतिशत के आसपास रहता है और लोन की ऊपरी सीमा बहुत अधिक होती है। चांदी के मामले में एलटीवी 85 प्रतिशत रखा गया है, लेकिन इसे छोटे कर्ज के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए इसकी सीमा 2.5 लाख रुपये तक सीमित की गई है।

सीए आशीष पारेख का कहना है कि आरबीआई गोल्ड लोन की तरह ही सिल्वर लोन के लिए प्रस्ताव ला रहा था। अभी सिल्वर लोन को लेकर आरबीआई के नियम देखे नहीं हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *