विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को लेकर बीजेपी सरकार पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को अदालत के निर्णय का सम्मान करने की नसीहत दी है। मामले को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अलग-अलग प्रेसवार्ता कर सरकार को घेरा। जीतू पटवारी ने कहा कि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मामले में आया फैसला पार्टी के लिए निराशाजनक है, लेकिन कांग्रेस न्यायपालिका का सम्मान करती है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि एक आदिवासी नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचा है।पटवारी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो विधायक निर्मला सप्रे से जुड़े मामले में भी फैसला कराकर दिखाए।

सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे खुले

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विजयपुर प्रकरण में न्यायालय के निर्णय का हम सम्मान करते हैं। लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि होती है और जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय पाने का अधिकार सभी को है। उन्होंने कहा कि मुकेश मल्होत्रा के लिए भी सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे खुले हैं और हम कानूनी सलाह लेकर न्याय के लिए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां गंभीर मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अलग-अलग निर्णय आए हैं। जैसे देवेंद्र फडणवीस का मामला हो या अन्य, इसलिए न्याय की अंतिम उम्मीद सर्वोच्च न्यायालय से ही होती है।

नरोत्तम मिश्रा और महंगाई का मुद्दा भी उठाया

सिंघार ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़े एक मामले की सुनवाई लंबित होने का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी दबाव बनाकर फैसले करवाने की कोशिश करती है। उन्होंने आशंका जताई कि कांग्रेस की राज्यसभा सीट को प्रभावित करने के लिए भी ऐसा माहौल बनाया जा रहा है।

आदिवासी विरोधी मानसिकता

पटवारी ने कहा कि यह मामला भाजपा की खरीद-फरोख्त और उसके चाल, चरित्र और चेहरा को उजागर करता है। भाजपा की सोच इतनी घृणित है कि वह यह सवाल उठा रही है कि विजयपुर से एक आदिवासी विधायक कैसे चुनकर विधानसभा पहुंच गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी नेताप्रतिपक्ष की औकात पूछना उनकी आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। यही व्यवहार विजयपुर के हमारे नेता मुकेश मल्होत्रा के साथ किया गया है।

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सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर भी सरकार घिरी

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति काफी समय से लंबित है और सरकार इस मामले में बेहद धीमी रफ्तार से काम कर रही है।सिंघार ने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री से बातचीत भी हुई है और जल्द ही दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की जानी है। इसके अलावा गैस सिलेंडर की कमी और महंगाई को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। सिंघार ने कहा कि सरकार हर मामले में देर से फैसले लेती है और जनता को राहत देने के बजाय केवल राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

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बीजेपी का पलटवार

वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय पर अनावश्यक टिप्पणियां करना कांग्रेस नेताओं की अज्ञानता को दर्शाता है।



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