शराब पीने के दौरान विवाद होने पर हत्या करने वाले आरोपियों को 33 माह बाद न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या करने वालों ने एक को घायल भी किया था।

31 मई 2023 की रात 10.30 बजे बहादुर पिता रामचंद्र, जीवन पिता भंवरलाल और सेवाराम तीनों मिलकर क्षिप्रा नदी की पुलिया पर शराब पी रहे थे, तभी शराब के नशे में जीवन तथा सेवाराम के बीच गाली-गलौज होने लगी तो सेवाराम ने फोन लगाकर जितेन्द्र को बुलाया। जितेन्द्र अपने अन्य साथियों को लेकर क्षिप्रा पुलिया पर आ गया। जितेन्द्र के पास लोहे की रॉड तथा उसके साथ आए अन्य लोगों के पास लकड़ियां थीं। आते ही जितेन्द्र ने सेवाराम से पूछा कि क्या हुआ तो सेवाराम ने उन्हें बताया कि बहादुर और जीवन दोनों उसके साथ गाली-गलौज कर रहे हैं। इसी बात पर जितेन्द्र ने बहादुर को लोहे की रॉड से मारपीट की। इससे वह गिर गया फिर सेवाराम, जितेन्द्र व उसके साथियों ने जीवन को भी लोहे की रॉड व लकड़ियों से मारा। इससे जीवन को कई जगह चोंटें आईं। उसके बाद सेवाराम, जितेन्द्र व उसके साथी उन लोगों को वहीं पर पड़ा हुआ छोड़कर भाग गए। इसके बाद बहादुर ने अपने भाइयों को फोन लगाकर वहां बुलाया जो उन्हें इलाज के लिए महिदपुर अस्पताल ले गए। जहां से बहादुर एवं जीवन को उज्जैन अस्पताल रेफर किए जाने पर उनके परिवार वाले उन्हें निजी अस्पताल लेकर आए, जहां इलाज के दौरान जीवन की मृत्यु हो गई।

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मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद अभियोग माननीय न्यायालय रविंद प्रताप सिंह चौहान, विशेष न्यायाधीश महोदय अनूसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी जितेन्द्र पिता राधेश्याम, उम्र-29 वर्ष, निवासी ग्राम सिंगदेवला जिला उज्जैन, सेवाराम पिता देवीलाल नाई, उम्र-30 वर्ष, निवासी-ग्राम सिवाबरा जिला उज्जैन को धारा 302/34 सहपठित धारा 3(2)(अ) अनुजाति/अनु जाति/अनु .जनजाति, अत्याचार निवारण अधिनियम के अपराध में आजीवन कारावास एवं कुल 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।



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