मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक सिंचाई परियोजनाओं और नदी जोड़ो योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में तेजी से सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह बात विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित कृषक हितग्राही सम्मेलन और विकास कार्यों के भूमि-पूजन व लोकार्पण कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) जैसी योजनाओं से प्रदेश में सिंचाई की क्षमता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में ही लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का विस्तार हुआ है और अब करीब 55 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों से समृद्ध राज्य है और यहां की नदियों का पानी राजस्थान और उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों को भी उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले नदियों के जल प्रबंधन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब नई परियोजनाओं से विदिशा जिले को भी केन-बेतवा परियोजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है और अब किसानों को दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

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41 विकास कार्यों का लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले को 163 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें करीब 60 करोड़ रुपये लागत के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 104 करोड़ रुपये से अधिक की 56 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया। इनमें विदिशा महाविद्यालय के उन्नयन कार्य सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही शमशाबाद नगर परिषद के विकास के लिए 3 करोड़ रुपये देने और क्षेत्र में नया विद्युत सब-स्टेशन स्थापित करने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने विदिशा में प्रदेश की पहली जिला स्तरीय फिंगर प्रिंट लैब का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘नव्या’ कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का पायलट प्रोजेक्ट भी विदिशा से शुरू किया गया। इस योजना के तहत 10वीं पास युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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किसान सम्मान निधि के माध्यम 

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को हर वर्ष 12 हजार रुपये की सहायता मिल रही है। राज्य सरकार ने सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना के तहत लगभग 1500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। वहीं उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गेहूं की खरीद 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से करने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, मुद्रा योजना, कृषि यंत्र वितरण और पशुधन से जुड़े हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किए। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पहले शमशाबाद में मुख्यमंत्री का रोड-शो भी आयोजित हुआ, जहां नागरिकों ने उनका स्वागत किया।



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