मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में कभी पीछे नहीं रहेगा। हमारा बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और बड़ी माला पहनाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब तीन प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है।
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रतलाम की दूरी 40 किमी कम होगी
तीसरा नया दो लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए राज्य सरकार की ओर से लगभग 150 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित संपूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ: 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
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नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें खरीदने में मिलेगी मदद
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगर वासियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की।
