राजधानी के तुलसी नगर स्थित नगर निगम के नए मुख्यालय में हुए हादसे ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिंक रोड नंबर-2 पर स्थित करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।बताया जा रहा है कि बुजुर्ग गुरुवार को निगम के हाउसिंग फॉर ऑल (HFA) प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी लेने भवन पहुंचे थे। इसी दौरान वे ओपन एरिया से नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जिस स्थान से वे गिरे, वहां सुरक्षा रेलिंग या बाउंड्री का काम अधूरा बताया जा रहा है।
हादसे के बाद मीडिया की एंट्री पर रोक
घटना के अगले दिन शुक्रवार को जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो उन्हें भवन परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। मुख्य गेट पर कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया और अंदर जाने से मना कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें “ऊपर से निर्देश” मिले हैं कि फिलहाल किसी को परिसर में प्रवेश न दिया जाए।
कांग्रेस ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अभिनव बरोलिया मौके पर पहुंचे और कहा कि भवन की खराब इंजीनियरिंग और अधूरी सुरक्षा व्यवस्था इस हादसे की वजह बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन के कुछ हिस्सों में जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं किए गए हैं। पिछली तरफ बनी सीढ़ियां भी कवर नहीं की गईं और कई जगहों पर सुरक्षा रेलिंग अधूरी है। इस संबंध में पहले भी सवाल उठ चुके थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
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उद्घाटन से पहले ही शुरू हो गया उपयोग
करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से बने नए निगम मुख्यालय का आधिकारिक उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद कुछ विभागों को यहां शिफ्ट कर दिया गया है और कामकाज शुरू हो चुका है। हादसे के बाद अब भवन की अधूरी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि ओपन एरिया में समय पर रेलिंग और सुरक्षा इंतजाम पूरे किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।
