ग्वालियर-चंबल संभाग में गेहूं, सरसों व धान के अलावा तूअर यनि अरहर, चना जैसी दलहनी फसलों की पैदावार होती है। साथ ही मूंग व उड़द की भी कुछ क्षेत्रों में …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 06 Mar 2026 12:02:16 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Mar 2026 12:36:02 PM (IST)

MP में किसान शुरू कर सकते हैं दाल प्रसंस्करण व पैकेजिंग की इकाई, 25 लाख के लोन पर मिलेगी 33% की सब्सिडी
किसान दलहन प्रसंस्करण इकाई लगाकर खेती के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। – प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. प्रदेश के लिए केवल 55 यूनिटों का लक्ष्य रखा गया है
  2. इसलिए इसमें चयन की प्रक्रिया काफी कड़ी हो सकती है
  3. बिना देरी किए सबसे पहले आवेदन करना होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश को दलहन उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश भर में कुल 55 खाद्य प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग यूनिटें स्थापित की जानी हैं। ग्वालियर जिले के किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए यह खुद का उद्यम शुरू करने का मौका है। क्योंकि दलहन यूनिट की स्थापना के लिए सरकार आर्थिक रूप से बड़ी सहायता प्रदान कर रही है।

एक यूनिट लगाने के लिए पात्र आवेदकों को 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस लोन पर सरकार की ओर से 33 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। यानी लगभग 8.25 लाख रुपये की सीधी बचत होगी, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

यहां बता दें कि ग्वालियर-चंबल संभाग में गेहूं, सरसों व धान के अलावा तूअर यनि अरहर, चना जैसी दलहनी फसलों की पैदावार होती है। साथ ही मूंग व उड़द की भी कुछ क्षेत्रों में खेती की जाती है। ऐसे में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के किसान दलहन प्रसंस्करण इकाई लगाकर खेती के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा चयन

पूरे प्रदेश के लिए केवल 55 यूनिटों का लक्ष्य रखा गया है, इसलिए इसमें चयन की प्रक्रिया काफी कड़ी हो सकती है। जिले के जो भी युवा या किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी दाल प्रसंस्करण इकाई लगाना चाहते हैं, उन्हें बिना देरी किए सबसे पहले आवेदन करना होगा। आवेदन में देरी होने पर यह मौका हाथ से जा सकता है।

किसानों को क्या होगा फायदा

वर्तमान में ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के किसान अपनी दालें जैसे चना, तुअर, मूंग को कच्ची फसल के रूप में मंडी में बेच देते हैं। खुद की पैकेजिंग और प्रसंस्करण यूनिट होने से किसान दालों की सफाई और ग्रेडिंग करके उन्हें ऊंचे दामों पर बेच पाएंगे। यह इकाई न केवल उद्यमी किसान को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

यह करना होगा किसानों को

यदि कोई किसान इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त करना चाहते हैं, तो स्थानीय कृषि अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। योजना के तहत यूनिट लगाने के लिए पात्रता और आवेदन से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी।

खुद का व्यवसाय लगाने की अच्छी संभावना

दलहन प्रसंस्करण व पैकेजिक इकाई लगाने के लिए किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। जिले में दलहन प्रसंस्करण इकाई लगाने की अच्छी संभावनाएं हैं। सरकार ने इस योजना में 33 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की है। इसलिए यह किसानों के लिए खेती के साथ खुद का व्यवसाय लगाने की अच्छी संभावना है। चूंकि पूरे प्रदेश का टारगेट 55 इकाई का हैं, इसलिए पहले आवेदन करने वाले किसानों के लिए मौका रहेगा। – टीसी पाटीदार, कार्रकारी इंजीनियर, कृषि अभियांत्रिकी विभाग



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