नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मार्च का महीना ग्वालियर जिले के किसानों के लिए साल का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समय लेकर आया है। इस महीने किसान न केवल अपनी मेहनत की फसल को काटने की तैयारी में हैं, बल्कि आगामी आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकारी पोर्टलों पर पंजीयन कराने की जद्दोजहद भी कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस महीने किसानों ने थोड़ी भी लापरवाही बरती, तो उन्हें सरकारी अनुदान और समर्थन मूल्य के लाभ से हाथ धोना पड़ सकता है।
समर्थन मूल्य और भावांतर का गणित
जिले में गेहूं, चना और सरसों की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। शासन की ओर से गेहूं और चना को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
यदि किसान अपनी उपज सरकारी तौल केंद्रों पर बेचना चाहते हैं, तो उन्हें निर्धारित केंद्रों या ऑनलाइन कियोस्क पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना होगा। गेहूं के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए सात मार्च आखिरी तारीख है। वहीं चने के लिए 20 मार्च है।
भावांतर योजना – मंडी के भाव और समर्थन मूल्य के अंतर का लाभ लेने के लिए भावांतर भुगतान योजना में भी 17 मार्च के भीतर ही अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी।
शुरू हुई सरसों की कटाई
अंचल में सरसों को पीला सोना कहा जाता है। मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में सरसों की कटाई और थ्रेसिंग का काम पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। इसी महीने के अंत तक गेहूं की फसल भी कटने के लिए तैयार हो जाएगी।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसान जल्द से जल्द कटाई निपटाना चाहते हैं ताकि अचानक होने वाली बारिश या ओलावृष्टि से फसल को बचाया जा सके। इस समय भितरवार और डबरा जैसे क्षेत्रों में हार्वेस्टर और मजदूरों की मांग बढ़ गई है, जिससे कटाई की लागत पर भी असर पड़ रहा है।
सरकारी अनुदान की आखिरी तारीखें
मार्च वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना है, इसलिए कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे ड्रिप इरिगेशन, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और पाइपलाइन अनुदान के लिए आवेदन करने या पुराने बिल प्रस्तुत करने की यह अंतिम समय-सीमा है।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जिन किसानों ने नए कृषि यंत्रों के लिए टोकन लिए हैं, उन्हें मार्च खत्म होने से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा उनका बजट लैप्स हो सकता है।
यह भी करें किसान
पोर्टल चेक करें – क्या आपका गेहूं खरीदी का पंजीयन उपार्जन पोर्टल पर अपडेट हो गया है।
बीमा का ध्यान – फसल बीमा से जुड़ी किश्त और जानकारी बैंक में सुनिश्चित करें।
मौसम पर नजर – स्थानीय मौसम अपडेट्स को देखते रहें ताकि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके।
अनुदान के बिल – सोलर पंप या सिंचाई यंत्रों के बिल समय पर जमा करें।
फैक्ट फाइल
50 हजार हेक्टेयर में है सरसों की फसल
1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक में है गेहूं की फसल
30 हजार हेक्टेयर में चने की फसल
‘भावांतर से लेकर समर्थन मूल्य पर फसल खरीद के लिए अंतिम तारीखें इसी माह हैं। यदि किसान पंजीयन नहीं करा पाएंगे तो उन्हें शासन से मिलने वाला लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही जो उपकरण कृषि विभाग से लेना चाहते हैं, या ले रहे हैं, उनके लिए विभाग में औपचारिकता भी इसी माह पूरी करनी होगी, तभी शासन की योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।’ – आरबीएस जाटव, उप संचालक कृषि विकास व किसान कल्याण
