मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वसहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियां प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर काम करने वाली बहनें बंद मुट्ठी लाख की की कहावत को सच कर रही हैं और गांवों की तस्वीर बदल रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़ी हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में स्व-सहायता समूहों ने विभिन्न कंपनियों और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपये का व्यापार किया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही कुल बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर व्यय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक खेती में अग्रणी है और 50 हजार से अधिक महिलाएं प्राकृतिक खेती से जुड़कर आय बढ़ा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के 7 वाहनों को हरी झंडी दिखाई और स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैंपर लॉन्च किया। इस हैंपर में प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिष्ठान, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री और टी-शर्ट सहित 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर और रीवा की दीदियों द्वारा तैयार इस हैंपर पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
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मुख्यमंत्री ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, जबलपुर एयरपोर्ट पर रिटेल आउटलेट और संभाग व जिला स्तर पर आयोजित होली मेलों का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। उन्होंने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और विपणन के अवसर मिलने से महिलाओं को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। उन्होंने तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखने और व्यापार विस्तार पर जोर दिया। कार्यक्रम में इंडिया पोस्ट, अमेजन सहेली सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया, जिससे समूहों के उत्पाद अब ई-प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच दीदियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिला उद्यमिता का यह दौर प्रदेश के लिए स्वर्णिम अध्याय है और राज्य सरकार बहनों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
