राजधानी भोपाल में होली की तारीख और होलिका दहन के समय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ज्योतिषाचार्यों ने पंचांग और ग्रह स्थिति के आधार पर स्पष्ट मार्गदर्शन जारी किया है। इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण दोनों के कारण दहन के समय को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

भद्रा के कारण सीमित समय में होगा दहन

ब्रह्म शक्ति ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से 3 मार्च की सुबह 4:56 बजे तक भद्रा रहेगी। शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना गया है। हालांकि यदि पूरी रात भद्रा हो तो उसके पुच्छ भाग में दहन करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष भद्रा का पुच्छ भाग रात 12:50 बजे से 2:02 बजे तक रहेगा। यही 1 घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। ग्रहण और पूर्णिमा तिथि के समापन को देखते हुए 2 मार्च की मध्यरात्रि का यह समय अधिक शुभ माना जा रहा है।

3 मार्च को चंद्रग्रहण का प्रभाव

पंडित विष्णु राजोरिया, अध्यक्ष परशुराम कल्याण बोर्ड के अनुसार 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण रहेगा। एक गणना के मुताबिक ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जबकि अन्य पंचांगों में इसका समय सुबह से शाम तक बताया गया है। ग्रहण भारत में दिखाई देगा और सूतक काल भी प्रभावी रहेगा। ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी। इसी वजह से रंगभरी होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

वैकल्पिक मुहूर्त भी बताए गए

पंडित विष्णु राजोरिया ने बताया कि 3 मार्च की सुबह 5 बजे से 6:33 बजे तक भी होलिका दहन का उत्तम मुहूर्त है। वहीं दृश्य गणित के अनुसार 2 मार्च की शाम प्रदोष वेला 6:36 से 9 बजे तक भी दहन किया जा सकता है। धुलेंड़ी 4 मार्च को और रंग पंचमी 8 मार्च को मनाई जाएगी।

यह भी पढ़ें-बेबीसिटर की नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण-देह व्यापार में धकेला

जुलूस की तारीख बदली

श्री हिंदू उत्सव समिति भोपाल ने 3 मार्च को पड़ रहे चंद्रग्रहण के कारण पारंपरिक धुलेंड़ी जुलूस अब 4 मार्च को निकालने का निर्णय लिया है। समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपकर 4 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन में शामिल हो सकें।

यह भी पढ़ें-कांग्रेस ने मास्टर प्लान को लेकर सरकार को घेरा, सिंघार बोले-CM और मंत्री के बीच समन्वय की कमी

ब्रह्म मुहूर्त में दहन की अपील

समिति ने नागरिकों से अपील की है कि 2 और 3 मार्च की दरम्यानी रात ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन करें।4 मार्च को निकलने वाला जुलूस रंग-गुलाल, पारंपरिक वाद्य-यंत्रों, आकर्षक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश देना भी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *