इंदौर में एक छात्रा ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसका संस्कृत का पेपर बिगड़ गया था और उसे फेल होने का डर सता रहा था। उसने यह बात परिजनों को भी बताई थी। उन्होंने उसे चिंता नहीं करने के लिए कहा था, लेकिन पेपर बिगड़ने से तनाव में आई छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी।
यह घटना रामचंद्र नगर में हुई। विजय श्रीवास्तव की बेटी पलक कक्षा दसवीं की छात्रा थी। वह पिछले दिनों संस्कृत का पेपर देने गई थी, लेकिन कई प्रश्न वह हल नहीं कर पाई। वह एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। घर आने के बाद ही वह उदास रहने लगी थी। परिजनों ने उससे वजह पूछी तो उसने पेपर बिगड़ने की बात कही थी। जिस दिन उसे गणित का पेपर देने जाना था, उस दिन उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अभी परिजनों के बयान नहीं हो पाए हैं।
पलक ने 19 फरवरी को संस्कृत का पेपर दिया था। वह पढ़ाई में कमजोर थी और उसे दूसरे पेपर बिगड़ने का भी डर सता रहा था। उसके माता-पिता काम पर गए थे। वहां से वे लौटे तो पलक ने घर के कमरे में फांसी लगा ली थी। उसने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली। पुलिस ने उसका मोबाइल भी जांच के लिए लिया है।