इन्दौर में पुलिस को अक्सर बलवा, दंगे जैसे हालातों से निपटना होता है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मंगलवार को इसके लिए बलवा परेड हुई। इस मॉकड्रिल में पुलिस ने ही पुलिस पर आंसू गैस के गोले फेंके, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और दंगे को नियंत्रित करने के गुर सीखे।

डीआरपी लाइन पर हुई बलवा परेड को देखने के लिए राह चलते लोग भी रुक गए। एक तरफ पुलिस का अमला था और दूसरी तरफ सादी वर्दी में पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी दंगाइयों की भूमिका में थे। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया।

 

इसके लिए उन्होंने रबर की गेंद का इस्तेमाल किया। पुलिस जवान उससे बचते हुए उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश करते रहे। इसके बाद पुलिस जवानों ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस अभ्यास को देखने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह भी डीआरपी लाइन पहुंचे। उन्होंने बारीकी से अफसरों पर नजर रखी और बाद में उन्हें उनकी कमियां भी बताईं। करीब एक घंटे तक बलवा परेड हुई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों व निरीक्षकों के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

 

राहगीरों की आंखों में आए आंसू



बलवा परेड में असली आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। इसका असर सड़क पर चल रहे लोगों ने भी महसूस किया। उनकी आंखों में गैस के कारण आंसू आ गए और उन्हें वाहन चलाने में परेशानी भी आई। इसके बावजूद कई लोगों ने उत्साहित होकर बलवा परेड का आनंद लिया। परेड के दौरान दंगा नियंत्रक वाहन वज्र भी तैनात किया गया था और वॉटर कैनन का उपयोग भी किया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *