शिवपुरी पुलिस ने अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के 32 नामजद आरोपियों में से 20 को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से सात कार, एक बाइक, 29 मोबाइल फोन, 16 एटीएम कार्ड, सात बैंक पासबुक, एक मकान की रजिस्ट्री और 1.20 लाख रुपये नकद सहित कुल 1 करोड़ 7 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।

अमन सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि यह गिरोह ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाकर उनकी अश्लील रिकॉर्डिंग करता था। बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को बलात्कार और अन्य  गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर केस सेटलमेंट के नाम पर मोटी रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी।

1.07 करोड़ रुपये का माल जब्त


एसपी के अनुसार, गिरोह के सदस्य महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अश्लील चैट और वीडियो कॉल करते थे। रिकॉर्डिंग के आधार पर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था। जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। एक आरोपी ने ठगी की रकम से आलीशान मकान बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री भी जब्त कर ली गई है।

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इन ऐप्स के जरिए बनाते थे शिकार


गिरोह ‘हीऊ’, ‘टोकी’, ‘मीका’, ‘इलोएलो’, ‘गागा’, ‘हनी’, ‘सुगो’, ‘कॉमेक्टो’ और ‘कॉमेट’ जैसे ऐप्स के जरिए लोगों को जोड़ता था। ये ऐप्स एपीके फाइल के माध्यम से मोबाइल में डाउनलोड कराए जाते थे। पहले अश्लील बातचीत कराई जाती, फिर वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग की जाती थी।

ऑपरेशन ‘मेट्रिक्स’ के तहत कार्रवाई


यह कार्रवाई मध्यप्रदेश स्तर पर चल रहे ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स’ के तहत ग्वालियर जोन के निर्देशन में की गई। जिले में नौ विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। एसडीओपी करैरा और पिछोर के नेतृत्व में करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस ने संयुक्त दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में जुटी है और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।





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