इंदौर में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है और शहर में लगातार तीसरे दिन भी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को रातभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा जिसके कारण वातावरण में नमी और ठंडक बढ़ गई है। शनिवार की सुबह ठंडी हवाओं ने शहरवासियों को कंपकंपा दिया और लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। फरवरी के महीने में लगातार तीन दिनों से हो रही इस बेमौसम बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
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तापमान के आंकड़ों में गिरावट
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम रहा। शनिवार सुबह 8.30 बजे का पारा 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आज सुबह तक शहर में .7 मिमी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। इस बदलाव से दिन और रात दोनों के तापमान में कमी आई है जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
तीन से चार दिन यही दौर रहेगा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता की वजह से प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में वर्षा हुई। शनिवार सुबह से ही कई जिलों में बादलों का डेरा जमा हुआ है। एक नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से 23 और 24 फरवरी को मौसम एक बार फिर करवट लेगा जिसका मुख्य प्रभाव राज्य के दक्षिण-पूर्वी जिलों में देखने को मिल सकता है।
किसानों की चिंता बढ़ी
पिछले तीन दिनों से जारी आंधी और बारिश ने अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इंदौर सहित कई जिलों में तेज हवाओं और पानी की वजह से गेहूं की खड़ी फसलें खेतों में आड़ी हो गई हैं। अनुमान है कि करीब 25 जिलों में फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग की टीमें मैदान में उतरकर नुकसान का आकलन कर रही हैं ताकि प्रभावित किसानों को राहत दी जा सके।
वैज्ञानिक कारण और भविष्य का अनुमान
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब ट्रफ लाइन में तब्दील हो चुका है। यह रेखा गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है जिसके कारण मध्य प्रदेश में नमी आ रही है। अगले 24 से 48 घंटों में बादल छंटते ही रात के तापमान में 4 डिग्री तक की और गिरावट हो सकती है जिससे ठंड का प्रकोप फिर से बढ़ेगा।
