देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक बार फिर स्वच्छता अभियान में भाग लेने की तैयारी शुरू कर चुका है। स्वच्छता में लगातार बेहतर कार्य का उदाहरण पेश कर चुके इंदौर से हमेशा ही ज्यादा उम्मीदें रहती हैं पर इस बार इंदौर में वह उत्साह नजर नहीं आ रहा। पिछले साल की तुलना में जगह जगह कचरा नजर आ रहा है और विपक्ष भी स्वच्छता रैंकिंग को लेकर हमलावर है। हालांकि इन सबके बीच भाजपा नेताओं और अधिकारियों के दावे हैं कि शहर इस बार भी स्वच्छता रैंकिंग में परचम फहराएगा और जल्द ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग
इंदौर में वार्डों के लिए स्वच्छ वार्ड रैंकिंग शुरू की गई है। हाल ही में इसके लिए कार्यशाला भी आयोजित की गई। कार्यशाला में 400 अंकों की स्वच्छ वार्ड रैंकिंग टूलकिट की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें यह बताया गया कि अब हर वार्ड की स्वच्छता का मूल्यांकन कचरा प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण, जनसहभागिता, सफाई व्यवस्था, RRR गतिविधियां, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा। रोजाना नई रैंकिंग प्रणाली में वार्डों को प्रतिदिन डिजिटल पोर्टल पर सफाई रिपोर्ट अपडेट करना होगी। निरीक्षण टीम नियमित विजिट करेगी नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा वर्ष के अंत में टॉप वार्ड को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र मिलेगा, रैंकिंग का उद्देश्य है इंदौर में हर क्षेत्र को बराबर स्वच्छ बनाना। निगम की योजना है कि इससे वार्डों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नागरिकों की भागीदारी भी। कार्यक्रम में सूरत, नवी मुंबई और विशाखापट्टनम के अध्ययन दौरे से जुड़े अनुभव साझा किए गए। इन शहरों में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, उन्नत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, क्लीन स्ट्रीट सिस्टम, मशीनरी आधारित सफाई जैसी श्रेष्ठ व्यवस्थाएं हैं। इंदौर में इनमें से कई मॉडल अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
महापौर बोले यह हमारी परीक्षा का समय
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि इंदौर को फिर नंबर-1 बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। 3.5 वर्ष के कार्यकाल में पार्षदों ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। कुछ काम पूरे हुए, कुछ प्रगति पर हैं और कई योजनाएं पाइपलाइन में हैं। हमारा लक्ष्य है कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत किया जाए। यदि हम सभी स्वच्छता के पैरामीटरों का पालन करते हुए उसी तन्मयता से काम करें तो इंदौर को नंबर-1 बनने से कोई नहीं रोक सकता। कुछ लोगों ने झूठे आरोप जरूर लगाए थे, लेकिन हमारा जवाब हमारा काम है। अब हमारी परीक्षा का समय है और इंदौर फिर से देश में स्वच्छता का चैंपियन बनेगा। वहीं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि शहर का सम्मान हम सबकी पहचान है, इसे बनाए रखने के लिए अधिकारी, पार्षद और नागरिक सबको एक टीम की तरह काम करना होगा। हर संस्था में चुनौतियां होती हैं, वित्तीय प्रबंधन में भी सुधार और नवाचार जरूरी हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण और फाइनेंस दोनों में पार्षदों का सहयोग अहम रहेगा।
